द्विघात समीकरण (Quadratic Equations) – कक्षा 10 गणित

dwighat samikaran quadratic equations class 10 maths

द्विघात समीकरण

1. द्विघात समीकरण क्या है ?

  • जिस समीकरण में एक चर हो और उस चर की अधिकतम घात 2 हो, उसे द्विघात समीकरण कहते हैं।
  • “Quadratic” शब्द लैटिन भाषा के Quadratus से लिया गया है, जिसका अर्थ वर्ग होता है।
  • द्विघात समीकरणों का उपयोग गणित, भौतिकी, ज्यामिति और दैनिक जीवन की समस्याओं में होता है।

2. द्विघात समीकरण का मानक रूप

  • किसी द्विघात समीकरण का मानक रूप होता है:

ax2 + bx + c = 0

जहाँ—

  • a, b, c वास्तविक संख्याएँ हैं
  • a ≠ 0 होना आवश्यक है
  • यदि a = 0 हो, तो समीकरण रेखीय (Linear) हो जाएगा, द्विघात नहीं

3. द्विघात समीकरण के उदाहरण

  • x² + 7x + 10 = 0
  • 2x² − 5x − 3 = 0
  • x² − 9 = 0
  • (x − 4)(x + 1) = 0

द्विघात नहीं हैं

  • 5x + 2 = 0
  • x³ − x + 1 = 0

4. द्विघात समीकरण के मूल (Roots)

  • द्विघात समीकरण के हल को उसके मूल (Roots) कहते हैं।
  • मूल वे मान हैं जिनके लिए समीकरण संतुष्ट होता है।
  • एक द्विघात समीकरण के अधिकतम दो मूल हो सकते हैं।

5. द्विघात समीकरण हल करने की विधियाँ (NCERT)

NCERT के अनुसार द्विघात समीकरण हल करने की तीन विधियाँ हैं:


(A) गुणनखंड विधि (Factorisation Method)

  • समीकरण को दो रैखिक गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखा जाता है।
  • प्रत्येक गुणनखंड को शून्य के बराबर रखकर हल निकाला जाता है।

चरण:

  1. समीकरण को मानक रूप में लिखें
  2. मध्य पद का गुणनखंड करें
  3. प्रत्येक गुणनखंड को शून्य के बराबर रखें
  4. x के मान ज्ञात करें

(B) पूर्ण वर्ग विधि (Completing the Square Method)

  • समीकरण को पूर्ण वर्ग के रूप में बदला जाता है।
  • तब उपयोगी जब गुणनखंड संभव न हो।

चरण:

  1. यदि x² का गुणांक 1 न हो, तो उससे भाग दें
  2. स्थिर पद को RHS में ले जाएँ
  3. x के गुणांक के आधे का वर्ग दोनों पक्षों में जोड़ें
  4. प्राप्त समीकरण हल करें

(C) द्विघात सूत्र विधि (Quadratic Formula Method)

  • यह सर्वाधिक सामान्य विधि है।
  • किसी भी द्विघात समीकरण के लिए प्रयुक्त की जा सकती है।

द्विघात सूत्र:

roots of quadratic equations shridharacharya formula

6. विविक्तकर (Discriminant)

  • व्यंजक b² − 4ac को विविक्तक कहते हैं।
  • इसे D से दर्शाते हैं।

D = b2 – 4ac


7. विविक्तकर के आधार पर मूलों की प्रकृति(Nature of roots)

विविक्तक (D)मूलों की प्रकृति
D > 0दो भिन्न वास्तविक मूल
D = 0दो समान वास्तविक मूल
D < 0कोई वास्तविक मूल नहीं

8. द्विघात समीकरण का ज्यामितीय अर्थ

  • द्विघात समीकरण का ग्राफ परवलय (Parabola) होता है।
  • मूल वे बिंदु हैं जहाँ परवलय x-अक्ष को काटता या स्पर्श करता है
    • दो बिंदुओं पर काटे → दो वास्तविक मूल
    • एक बिंदु पर स्पर्श करे → समान मूल
    • x-अक्ष को न काटे → कोई वास्तविक मूल नहीं

9. द्विघात समीकरण का हल

  • किसी द्विघात समीकरण के:
    • दो वास्तविक हल हो सकते हैं
    • एक वास्तविक हल (दोहरा) हो सकता है
    • कोई वास्तविक हल नहीं भी हो सकता

10. द्विघात समीकरण के अनुप्रयोग

द्विघात समीकरणों का उपयोग किया जाता है:

  • क्षेत्रफल व परिमाप संबंधी प्रश्नों में
  • चाल, समय और दूरी की समस्याओं में
  • आयु संबंधी प्रश्नों में
  • संख्याओं के योग व गुणनफल में
  • ज्यामितीय समस्याओं में

11. NCERT के महत्वपूर्ण बिंदु

  • मानक रूप: ax² + bx + c = 0
  • a ≠ 0 अनिवार्य है
  • विविक्तक मूलों की प्रकृति बताता है
  • द्विघात सूत्र सभी समीकरणों पर लागू होता है
  • ग्राफ हमेशा परवलय होता है

12. महत्वपूर्ण सूत्र

  • द्विघात सूत्र:
  • विविक्तक:

D = b2 – 4ac


13. सामान्य गलतियाँ

  • a का मान शून्य मान लेना
  • विविक्तक की गलत गणना
  • चिह्नों (+/−) में गलती
  • गलत गुणनखंड करना

14. त्वरित पुनरावृत्ति

  • घात = 2
  • अधिकतम मूल = 2
  • विविक्तक से मूलों की प्रकृति ज्ञात
  • परवलय ग्राफ
  • बोर्ड परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय

15. Quick Revision One Shot Video : द्विघात समीकरण class 10

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