अनुप्रास अलंकार | परिभाषा, भेद, उदाहरण और MCQs


अनुप्रास अलंकार की परिभाषा

जिसे वर्णों की एक से अधिक बार आवृत्ति से बनाया जाता है, उसे अनुप्रास अलंकार कहते हैं।

  • आवृत्ति का अर्थ है किसी वर्ण या ध्वनि का वाक्य में बार-बार दोहराया जाना।
  • इसका नाम ‘अनुप्रास’ दो शब्दों से बना है – ‘अनु’ (बार-बार) और ‘प्रास’ (वर्ण)।
  • जहाँ स्वरों की समानता के बिना भी वर्ण बार-बार दोहराए जाते हैं, वहाँ अनुप्रास अलंकार का प्रयोग होता है।

मुख्य उद्देश्य:
अनुप्रास अलंकार वाक्यांश को ध्वनिक और आकर्षक बनाता है और पाठक का ध्यान खींचता है। यह कविता, काव्य, उपन्यास और अन्य लेखन में अक्सर प्रयुक्त होता है।


अनुप्रास अलंकार के उदाहरण

  1. “जन रंजन मंजन दनुज मनुज रूप सुर भूप” – यहाँ ‘म’ वर्ण की आवृत्ति से संगीतमयता आती है।
  2. “मुदित महीपति मंदिर आए, सेवक सचिव सुमंत्र बुलाए” – पहले पद में ‘म’ और दूसरे पद में ‘स’ वर्ण की आवृत्ति से ध्वनि सुंदरता प्रकट होती है।

अन्य उदाहरण:

  • कालिंदी कूल कदंब की डारिन
  • राम नाम-अवलंब बिनु परमार्थ की आस, बरसत बारिद बूँद गहि चाहत चढ़न अकास
  • कल कानन कुंडल मोर पखा उर पे बनमाल विराजती है
  • विमल वाणी ने वीणा ली, कमल कोमल क्र में सप्रीत
  • रघुपति राघव राजा राम
  • मुदित महिपति मंदिर आए, सेवक सचिव सुमंत बुलाए
  • गुरु पद रज मृदु मंजुल
  • सुरुचि सुबास सरस अनुरागा
  • चारु चंद्र की चंचल किरणें खेल रही थी जल थल में

अनुप्रास अलंकार के प्रकार

मुख्य रूप से अनुप्रास के पाँच प्रकार होते हैं:

  1. छेकानुप्रास अलंकार
  2. वृत्यनुप्रास अलंकार
  3. लाटानुप्रास अलंकार
  4. अन्त्यानुप्रास अलंकार
  5. श्रुत्यानुप्रास अलंकार

1. छेकानुप्रास अलंकार

  • जब वाक्यांश में अनुक्रमिक रूप से अनेक व्यंजनों की आवृत्ति एक बार होती है, उसे छेकानुप्रास अलंकार कहते हैं।
  • विशेषता: व्यंजनों का उपयोग उसी अनुक्रम में होता है।

उदाहरण:
“रीझि रीझि रहसि रहसि हँसि हँसि उठै साँसैं भरि आँसू भरि कहत दई दई।”


2. वृत्यनुप्रास अलंकार

  • जब किसी वाक्यांश में एक ही व्यंजन एक या अनेक बार आवृत्ति होती है, पर क्रम का पालन नहीं होता, उसे वृत्यनुप्रास कहते हैं।

उदाहरण:

  • “सपने सुनहले मन भाये।”
  • “सेस महेस गनेस दिनेस सुरेसहु जाहि निरन्तर गावैं।”

3. लाटानुप्रास अलंकार

  • जब किसी शब्द या वाक्यांश की आवृत्ति समान अर्थ में नहीं, पर तात्पर्य अलग हो, तब लाटानुप्रास अलंकार होता है।

उदाहरण:

  • “तेगबहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी के पात्र समर्थ।”
  • “तेगबहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी थी जिनके अर्थ।”

4. अन्त्यानुप्रास अलंकार

  • जब किसी वाक्य या शब्द के अंत में तुक मिलती है, तब अन्त्यानुप्रास अलंकार होता है।

उदाहरण:

  • “लगा दी किसने आकर आग।”
  • “कहाँ था तू संशय के नाग?”

5. श्रुत्यानुप्रास अलंकार

  • जब कानों को मधुर लगने वाले वर्णों की आवृत्ति होती है, उसे श्रुत्यानुप्रास कहते हैं।

उदाहरण:

  • “दिनान्त था, थे दीननाथ डुबते।”
  • “सधेनु आते गृह ग्वाल बाल थे।”

निष्कर्ष:

अनुप्रास अलंकार वाक्य या कविता में ध्वनिक सुंदरता और आकर्षण लाता है।

  • यह पाठक को वाक्य या कविता की ध्वनि संरचना का आनंद लेने में मदद करता है।
  • अलग-अलग प्रकार के अनुप्रास अलंकार साहित्यिक सौंदर्य और लेखक की शैली को उजागर करते हैं।

अनुप्रास अलंकार : अभ्यास mcq प्रश्न

1. अनुप्रास अलंकार किसे कहते हैं?

  • A) जब किसी वाक्य में उपमा का प्रयोग होता है
  • B) जब वर्णों की एक से अधिक बार आवृत्ति होती है
  • C) जब भाव का अधिक गुण दिखाया जाता है
  • D) जब कोई शब्द दो अर्थों में लिया जाता है
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✅ Correct Answer: B) जब वर्णों की एक से अधिक बार आवृत्ति होती है

2. अनुप्रास अलंकार का उद्देश्य क्या है?

  • A) वाक्य को संगीतमय और आकर्षक बनाना
  • B) केवल अर्थ स्पष्ट करना
  • C) उपमा अलंकार का प्रयोग करना
  • D) पाठक को भ्रमित करना
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✅ Correct Answer: A) वाक्य को संगीतमय और आकर्षक बनाना

3. छेकानुप्रास अलंकार में क्या विशेषता होती है?

  • A) व्यंजनों का क्रम बदलता रहता है
  • B) व्यंजन एक ही बार आते हैं
  • C) व्यंजन अनुक्रमिक रूप से बार-बार आते हैं
  • D) केवल स्वर का आवृत्ति होती है
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✅ Correct Answer: C) व्यंजन अनुक्रमिक रूप से बार-बार आते हैं

4. वृत्यनुप्रास अलंकार किसमें होता है?

  • A) व्यंजन आवृत्ति क्रमबद्ध होती है
  • B) व्यंजन केवल स्वरूपतः आवृत्ति होते हैं, क्रम में नहीं
  • C) केवल शब्दों का अर्थ बदलता है
  • D) तुक मिलती है
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✅ Correct Answer: B) व्यंजन केवल स्वरूपतः आवृत्ति होते हैं, क्रम में नहीं

5. लाटानुप्रास अलंकार में किसकी आवृत्ति होती है?

  • A) शब्दों की, पर अर्थ में भिन्नता होती है
  • B) केवल स्वर की
  • C) केवल तुक की
  • D) क्रम में व्यंजनों की
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✅ Correct Answer: A) शब्दों की, पर अर्थ में भिन्नता होती है

6. अन्त्यानुप्रास अलंकार किसे कहते हैं?

  • A) जब वाक्यांश में व्यंजन अनुक्रमित होते हैं
  • B) जब वाक्य या शब्द के अंत में तुक मिलती है
  • C) जब शब्द अर्थ में भिन्नता रखते हैं
  • D) जब वर्णों की आवृत्ति स्वरूपतः होती है
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✅ Correct Answer: B) जब वाक्य या शब्द के अंत में तुक मिलती है

7. श्रुत्यानुप्रास अलंकार का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • A) अर्थ स्पष्ट करना
  • B) कानों को मधुर लगने वाली ध्वनि उत्पन्न करना
  • C) उपमा दिखाना
  • D) तुक का निर्माण करना
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✅ Correct Answer: B) कानों को मधुर लगने वाली ध्वनि उत्पन्न करना

8. “मुदित महीपति मंदिर आए, सेवक सचिव सुमंत्र बुलाए।” में अनुप्रास का प्रकार क्या है?

  • A) छेकानुप्रास
  • B) वृत्यनुप्रास
  • C) लाटानुप्रास
  • D) श्रुत्यानुप्रास
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✅ Correct Answer: B) वृत्यनुप्रास

9. “रीझि रीझि रहसि रहसि हँसि हँसि उठै साँसैं भरि” में अनुप्रास का प्रकार क्या है?

  • A) अन्त्यानुप्रास
  • B) छेकानुप्रास
  • C) लाटानुप्रास
  • D) श्रुत्यानुप्रास
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✅ Correct Answer: B) छेकानुप्रास

10. अनुप्रास अलंकार का प्रयोग मुख्य रूप से कहाँ होता है?

  • A) गणित और विज्ञान के पाठ्यपुस्तक में
  • B) कविता, काव्य और साहित्य में
  • C) इतिहास और भूगोल में
  • D) केवल समाचार लेखों में
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✅ Correct Answer: B) कविता, काव्य और साहित्य में

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