विलयन कक्षा 12 : बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

कक्षा 12 रसायन विज्ञान के Solutions (विलयन) अध्याय में कई महत्वपूर्ण सूत्र, गणितीय संबंध और numerical-based concepts दिए गए हैं। Board Exam में इस अध्याय से Molarity, Molality, Mole Fraction, Raoult’s Law, Relative Lowering of Vapour Pressure, Elevation in Boiling Point, Depression in Freezing Point, Osmotic Pressure और Van’t Hoff Factor से प्रश्न पूछे जाते हैं।

इस लेख में Solutions Chapter के सभी महत्वपूर्ण सूत्रों को सरल हिन्दी और गणितीय रूप में एक जगह दिया गया है। प्रत्येक formula को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है कि विद्यार्थी इसे revision, numerical practice और board exam preparation के समय आसानी से समझ और दोहरा सकें।

Numerical हल करते समय केवल formula याद करना पर्याप्त नहीं है। यह भी ध्यान रखें कि दिए गए units, quantities और symbols का सही उपयोग किया जाए। नियमित अभ्यास के साथ यह formula sheet इस पूरे अध्याय के quick revision में काफी उपयोगी हो सकती है।

विलयन (Solutions) कक्षा 12 : 1 अंक वाले 25 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

1. विलयन (Solution) क्या है?
उत्तर: दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी (homogeneous) मिश्रण विलयन कहलाता है।

2. विलयन में अधिक मात्रा में उपस्थित घटक को क्या कहते हैं?
उत्तर: विलायक (Solvent)।

3. विलयन में कम मात्रा में उपस्थित घटक को क्या कहते हैं?
उत्तर: विलेय (Solute)।

4. मोलरता (Molarity) की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: एक लीटर विलयन में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या को मोलरता कहते हैं।

5. मोलरता का सूत्र लिखिए।
उत्तर:M=विलेय के मोलविलयन का आयतन (L)M=\frac{\text{विलेय के मोल}}{\text{विलयन का आयतन (L)}}

6. मोललता (Molality) क्या है?
उत्तर: एक किलोग्राम विलायक में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या को मोललता कहते हैं।

7. मोललता का सूत्र लिखिए।
उत्तर:m=विलेय के मोलविलायक का द्रव्यमान (kg)m=\frac{\text{विलेय के मोल}}{\text{विलायक का द्रव्यमान (kg)}}

8. मोल-अंश (Mole Fraction) क्या है?
उत्तर: किसी घटक के मोलों की संख्या और विलयन में उपस्थित सभी घटकों के कुल मोलों की संख्या के अनुपात को मोल-अंश कहते हैं।

9. मोल-अंश का सूत्र लिखिए।
उत्तर:XA=nAnA+nBX_A=\frac{n_A}{n_A+n_B}

10. द्रव्यमान प्रतिशत (Mass Percentage) का सूत्र लिखिए।
उत्तर:द्रव्यमान प्रतिशत=विलेय का द्रव्यमानविलयन का द्रव्यमान×100\text{द्रव्यमान प्रतिशत}= \frac{\text{विलेय का द्रव्यमान}}{\text{विलयन का द्रव्यमान}}\times100

11. आयतन प्रतिशत (Volume Percentage) क्या है?
उत्तर: 100 mL विलयन में उपस्थित विलेय के आयतन को आयतन प्रतिशत कहते हैं।

12. ppm का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: Parts Per Million (पार्ट्स पर मिलियन)।

13. ppm का उपयोग सामान्यतः किस प्रकार के विलयनों के लिए किया जाता है?
उत्तर: अत्यंत कम सांद्रता वाले विलयनों (very dilute solutions) के लिए।

14. राउल्ट का नियम (Raoult’s Law) क्या है?
उत्तर: आदर्श विलयन में किसी वाष्पशील घटक का आंशिक वाष्प दाब उसके मोल-अंश और शुद्ध घटक के वाष्प दाब के गुणनफल के बराबर होता है।

15. राउल्ट के नियम का सूत्र लिखिए।
उत्तर:pA=XApA0p_A=X_Ap_A^0

16. आदर्श विलयन (Ideal Solution) क्या है?
उत्तर: वह विलयन जो सभी सांद्रताओं पर राउल्ट के नियम का पालन करता है, आदर्श विलयन कहलाता है।

17. आदर्श विलयन में मिश्रण की एन्थैल्पी परिवर्तन (ΔHmix) कितना होता है?
उत्तर:ΔHmix=0\Delta H_{\text{mix}}=0

18. आदर्श विलयन में आयतन परिवर्तन (ΔVmix) कितना होता है?
उत्तर:ΔVmix=0\Delta V_{\text{mix}}=0

19. धनात्मक विचलन (Positive Deviation) क्या है?
उत्तर: जब विलयन का वाष्प दाब राउल्ट के नियम से अपेक्षित वाष्प दाब से अधिक होता है, तो इसे धनात्मक विचलन कहते हैं।

20. ऋणात्मक विचलन (Negative Deviation) क्या है?
उत्तर: जब विलयन का वाष्प दाब राउल्ट के नियम से अपेक्षित वाष्प दाब से कम होता है, तो इसे ऋणात्मक विचलन कहते हैं।

21. अणुसंख्य गुणधर्म (Colligative Properties) क्या हैं?
उत्तर: वे गुण जो विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं, विलेय की प्रकृति पर नहीं, अणुसंख्य गुणधर्म कहलाते हैं।

22. अणुसंख्य गुणधर्म कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: चार—वाष्प दाब का सापेक्ष अवनमन, क्वथनांक में उन्नयन, हिमांक में अवनमन तथा परासरण दाब।

23. परासरण (Osmosis) क्या है?
उत्तर: अर्धपारगम्य झिल्ली (Semipermeable Membrane) के माध्यम से विलायक का कम सांद्रता वाले विलयन से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर प्रवाहित होना परासरण कहलाता है।

24. परासरण दाब (Osmotic Pressure) क्या है?
उत्तर: वह न्यूनतम बाह्य दाब जो परासरण को रोकने के लिए विलयन पर लगाया जाता है, परासरण दाब कहलाता है।

25. वैन्ट हॉफ गुणांक (van’t Hoff Factor) क्या दर्शाता है?
उत्तर: यह विलयन में विलेय के वास्तविक कणों की संख्या में होने वाले परिवर्तन को दर्शाता है। इसका प्रतीक ii है।


विलयन (Solutions) कक्षा 12 : 2 अंक वाले महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

1. विलयन (Solution) और मिश्रण (Mixture) में क्या अंतर है?
उत्तर: विलयन एक समांगी मिश्रण होता है, जिसमें विलेय और विलायक के कण समान रूप से वितरित रहते हैं। सामान्य मिश्रण समांगी या विषमांगी दोनों हो सकता है।

2. मोलरता (Molarity) और मोललता (Molality) में अंतर लिखिए।
उत्तर:

  • मोलरता = विलेय के मोल / विलयन का आयतन (लीटर)।
  • मोललता = विलेय के मोल / विलायक का द्रव्यमान (किलोग्राम)।
    मोलरता तापमान पर निर्भर करती है, जबकि मोललता तापमान से प्रभावित नहीं होती।

3. मोल-अंश (Mole Fraction) क्या है? इसका सूत्र लिखिए।
उत्तर: किसी घटक के मोलों की संख्या तथा विलयन में उपस्थित सभी घटकों के कुल मोलों की संख्या के अनुपात को उस घटक का मोल-अंश कहते हैं।XA=nAnA+nBX_A=\frac{n_A}{n_A+n_B}

4. द्रव्यमान प्रतिशत (Mass Percentage) और आयतन प्रतिशत (Volume Percentage) के सूत्र लिखिए।
उत्तर:द्रव्यमान प्रतिशत=विलेय का द्रव्यमानविलयन का द्रव्यमान×100\text{द्रव्यमान प्रतिशत}= \frac{\text{विलेय का द्रव्यमान}}{\text{विलयन का द्रव्यमान}}\times100आयतन प्रतिशत=विलेय का आयतनविलयन का आयतन×100\text{आयतन प्रतिशत}= \frac{\text{विलेय का आयतन}}{\text{विलयन का आयतन}}\times100

5. राउल्ट का नियम (Raoult’s Law) लिखिए।
उत्तर: किसी आदर्श विलयन में किसी वाष्पशील घटक का आंशिक वाष्प दाब उसके मोल-अंश तथा शुद्ध घटक के वाष्प दाब के गुणनफल के बराबर होता है।pA=XApA0p_A=X_Ap_A^0

6. आदर्श विलयन (Ideal Solution) की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:

  1. यह सभी सांद्रताओं पर राउल्ट के नियम का पालन करता है।
  2. इसमें मिश्रण की एन्थैल्पी तथा आयतन परिवर्तन शून्य होते हैं।

ΔHmix=0,ΔVmix=0\Delta H_{\text{mix}}=0,\qquad \Delta V_{\text{mix}}=0

7. धनात्मक विचलन (Positive Deviation) और ऋणात्मक विचलन (Negative Deviation) क्या हैं?
उत्तर:

  • राउल्ट के नियम से अपेक्षित वाष्प दाब से अधिक वाष्प दाब प्राप्त होने पर धनात्मक विचलन होता है।
  • अपेक्षित वाष्प दाब से कम वाष्प दाब प्राप्त होने पर ऋणात्मक विचलन होता है।

8. अणुसंख्य गुणधर्म (Colligative Properties) क्या हैं? इनके दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर: वे गुण जो विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं, उनकी प्रकृति पर नहीं, अणुसंख्य गुणधर्म कहलाते हैं। उदाहरण—क्वथनांक में उन्नयन और हिमांक में अवनमन।

9. क्वथनांक में उन्नयन (Elevation in Boiling Point) क्या है?
उत्तर: शुद्ध विलायक के क्वथनांक और विलयन के क्वथनांक के अंतर को क्वथनांक में उन्नयन कहते हैं।ΔTb=Tb−Tb0\Delta T_b=T_b-T_b^0

10. हिमांक में अवनमन (Depression in Freezing Point) क्या है?
उत्तर: शुद्ध विलायक के हिमांक और विलयन के हिमांक के अंतर को हिमांक में अवनमन कहते हैं।ΔTf=Tf0−Tf\Delta T_f=T_f^0-T_f

11. परासरण (Osmosis) क्या है?
उत्तर: अर्धपारगम्य झिल्ली (Semipermeable Membrane) के माध्यम से विलायक का शुद्ध विलायक या कम सांद्रता वाले विलयन से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर प्रवाहित होना परासरण कहलाता है।

12. परासरण दाब (Osmotic Pressure) क्या है?
उत्तर: वह न्यूनतम बाह्य दाब जो विलयन में विलायक के परासरण को रोकने के लिए लगाया जाता है, परासरण दाब कहलाता है।π=CRT\pi=CRT

13. समपरासारी विलयन (Isotonic Solutions) क्या होते हैं?
उत्तर: दो ऐसे विलयन जिनका परासरण दाब समान होता है, समपरासारी विलयन कहलाते हैं। इनके बीच अर्धपारगम्य झिल्ली रखने पर शुद्ध परासरण नहीं होता।

14. प्रतिलोम परासरण (Reverse Osmosis) क्या है? इसका एक उपयोग लिखिए।
उत्तर: जब विलयन पर उसके परासरण दाब से अधिक बाह्य दाब लगाया जाता है, तो विलायक विपरीत दिशा में प्रवाहित होता है। इसे प्रतिलोम परासरण कहते हैं। इसका उपयोग समुद्री जल से शुद्ध जल प्राप्त करने में किया जाता है।

15. वैन्ट हॉफ गुणांक (van’t Hoff Factor) क्या है? इसका सूत्र लिखिए।
उत्तर: वैन्ट हॉफ गुणांक वास्तविक रूप से उपस्थित कणों की संख्या और अपेक्षित कणों की संख्या के अनुपात को दर्शाता है।i=वास्तविक कणों की संख्याअपेक्षित कणों की संख्याi=\frac{\text{वास्तविक कणों की संख्या}}{\text{अपेक्षित कणों की संख्या}}

16. विलेय के संघटन (Association) से वैन्ट हॉफ गुणांक कैसे प्रभावित होता है?
उत्तर: संघटन के कारण विलेय के कण आपस में मिलकर कम कण बनाते हैं। इसलिए कणों की संख्या घटती है औरi<1i<1

हो जाता है।

17. विलेय के वियोजन (Dissociation) से वैन्ट हॉफ गुणांक कैसे प्रभावित होता है?
उत्तर: वियोजन के कारण एक विलेय कण से अधिक कण बनते हैं। इसलिए कणों की संख्या बढ़ती है औरi>1i>1

हो जाता है।

18. मोलर द्रव्यमान ज्ञात करने में परासरण दाब को अधिक उपयोगी क्यों माना जाता है?
उत्तर: परासरण दाब को कमरे के तापमान पर मापा जा सकता है। इसके लिए विलयन को गर्म करने की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए बड़े अणुओं तथा जैविक पदार्थों का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करने में यह उपयोगी है।

19. तापमान बढ़ाने पर गैसों की द्रवों में विलेयता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: सामान्यतः तापमान बढ़ाने पर गैसों की द्रवों में विलेयता घट जाती है, क्योंकि गैस का विलयन प्रायः ऊष्माक्षेपी (Exothermic) प्रक्रिया है।

20. दाब बढ़ाने पर गैसों की द्रवों में विलेयता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: दाब बढ़ाने पर गैसों की द्रवों में विलेयता बढ़ जाती है। यह हेनरी के नियम (Henry’s Law) के अनुसार होता है।


विलयन (Solutions) कक्षा 12 : 3 अंक वाले महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

1. मोलरता (Molarity), मोललता (Molality) और मोल-अंश (Mole Fraction) को परिभाषित कीजिए तथा इनके सूत्र लिखिए।
उत्तर:

  • मोलरता (M): एक लीटर विलयन में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या को मोलरता कहते हैं।

M=n2VM=\frac{n_2}{V}

  • मोललता (m): एक किलोग्राम विलायक में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या को मोललता कहते हैं।

m=n2W1m=\frac{n_2}{W_1}

  • मोल-अंश (X): किसी घटक के मोलों की संख्या तथा सभी घटकों के कुल मोलों की संख्या के अनुपात को मोल-अंश कहते हैं।

X1=n1n1+n2X_1=\frac{n_1}{n_1+n_2}

2. राउल्ट का नियम (Raoult’s Law) लिखिए तथा द्विघटकीय वाष्पशील विलयन के लिए इसका समीकरण प्राप्त कीजिए।
उत्तर:
किसी आदर्श विलयन में किसी वाष्पशील घटक का आंशिक वाष्प दाब उसके मोल-अंश तथा शुद्ध घटक के वाष्प दाब के गुणनफल के बराबर होता है।

घटक 1 के लिए:p1=X1p10p_1=X_1p_1^0

घटक 2 के लिए:p2=X2p20p_2=X_2p_2^0

अतः कुल वाष्प दाब:p=p1+p2p=p_1+p_2p=X1p10+X2p20p=X_1p_1^0+X_2p_2^0

3. आदर्श विलयन (Ideal Solution) क्या है? इसकी तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: जो विलयन सभी सांद्रताओं पर राउल्ट के नियम का पालन करता है, उसे आदर्श विलयन कहते हैं। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं—

  1. यह सभी सांद्रताओं पर राउल्ट के नियम का पालन करता है।
  2. मिश्रण के समय एन्थैल्पी परिवर्तन शून्य होता है।

ΔHmix=0\Delta H_{\text{mix}}=0

  1. मिश्रण के समय आयतन परिवर्तन शून्य होता है।

ΔVmix=0\Delta V_{\text{mix}}=0

4. राउल्ट के नियम से धनात्मक और ऋणात्मक विचलन को समझाइए।
उत्तर:
धनात्मक विचलन: जब वास्तविक वाष्प दाब राउल्ट के नियम से प्राप्त अपेक्षित वाष्प दाब से अधिक होता है, तो धनात्मक विचलन कहलाता है। इसमें A–B आकर्षण, A–A तथा B–B आकर्षण से कमजोर होता है।

ऋणात्मक विचलन: जब वास्तविक वाष्प दाब अपेक्षित वाष्प दाब से कम होता है, तो ऋणात्मक विचलन कहलाता है। इसमें A–B आकर्षण, A–A तथा B–B आकर्षण से अधिक प्रबल होता है।

5. अणुसंख्य गुणधर्म (Colligative Properties) क्या हैं? इनके चार प्रकार लिखिए।
उत्तर: वे गुण जो विलयन में उपस्थित विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं, विलेय की प्रकृति पर नहीं, अणुसंख्य गुणधर्म कहलाते हैं। इनके चार प्रकार हैं—

  1. वाष्प दाब का सापेक्ष अवनमन।
  2. क्वथनांक में उन्नयन।
  3. हिमांक में अवनमन।
  4. परासरण दाब।

6. क्वथनांक में उन्नयन (Elevation in Boiling Point) को समझाइए तथा इसका समीकरण लिखिए।
उत्तर: किसी अवाष्पशील विलेय को विलायक में घोलने पर विलयन का क्वथनांक शुद्ध विलायक के क्वथनांक से अधिक हो जाता है। इस अंतर को क्वथनांक में उन्नयन कहते हैं।ΔTb=Tb−Tb0\Delta T_b=T_b-T_b^0

तनु विलयन के लिए:ΔTb=Kbm\Delta T_b=K_bm

जहाँ KbK_b मोलल उन्नयन स्थिरांक (Molal Elevation Constant) है।

7. हिमांक में अवनमन (Depression in Freezing Point) को समझाइए तथा इसका समीकरण लिखिए।
उत्तर: किसी अवाष्पशील विलेय को विलायक में घोलने पर विलयन का हिमांक शुद्ध विलायक के हिमांक से कम हो जाता है। इस अंतर को हिमांक में अवनमन कहते हैं।ΔTf=Tf0−Tf\Delta T_f=T_f^0-T_f

तनु विलयन के लिए:ΔTf=Kfm\Delta T_f=K_fm

जहाँ KfK_f मोलल अवनमन स्थिरांक (Molal Depression Constant) है।

8. हेनरी का नियम (Henry’s Law) लिखिए तथा इसका एक अनुप्रयोग बताइए।
उत्तर: नियत तापमान पर किसी द्रव में गैस की विलेयता उसके आंशिक दाब के समानुपाती होती है।p=KHXp=K_HX

जहाँ pp गैस का आंशिक दाब, XX विलयन में गैस का मोल-अंश और KHK_H हेनरी स्थिरांक है।

अनुप्रयोग: सोडा तथा शीतल पेय बनाने में उच्च दाब पर CO2CO_2 गैस को जल में घोला जाता है।

9. परासरण (Osmosis) और परासरण दाब (Osmotic Pressure) को समझाइए।
उत्तर: अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलायक का कम सांद्रता वाले विलयन से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर प्रवाह परासरण कहलाता है।

परासरण को रोकने के लिए विलयन पर लगाया गया न्यूनतम बाह्य दाब परासरण दाब कहलाता है।π=CRT\pi=CRT

जहाँ π\pi परासरण दाब, CC मोलर सांद्रता, RR गैस नियतांक तथा TT परम ताप है।

10. वैन्ट हॉफ गुणांक (van’t Hoff Factor) क्या है? इसके आधार पर अणुसंख्य गुणधर्मों के समीकरणों में क्या परिवर्तन होता है?
उत्तर: वैन्ट हॉफ गुणांक ii, विलेय कणों की वास्तविक संख्या और अपेक्षित संख्या के अनुपात को दर्शाता है।i=वास्तविक कणों की संख्याअपेक्षित कणों की संख्याi=\frac{\text{वास्तविक कणों की संख्या}}{\text{अपेक्षित कणों की संख्या}}

वियोजन (Dissociation) होने पर i>1i>1 तथा संघटन (Association) होने पर i<1i<1 होता है।

अणुसंख्य गुणधर्मों के समीकरणों में ii को शामिल किया जाता है:ΔTb=iKbm\Delta T_b=iK_bmΔTf=iKfm\Delta T_f=iK_fmπ=iCRT\pi=iCRT

11. विलेय के संघटन (Association) का अणुसंख्य गुणधर्मों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: संघटन में दो या अधिक विलेय कण आपस में जुड़कर बड़े कण बनाते हैं। इससे विलयन में कणों की संख्या कम हो जाती है और अणुसंख्य गुणधर्मों का मान अपेक्षित मान से कम हो जाता है।

इस स्थिति में:i<1i<1

उदाहरण के लिए, बेंजीन में एथेनोइक अम्ल के अणु द्विलक (Dimer) बना सकते हैं।

12. विलेय के वियोजन (Dissociation) का अणुसंख्य गुणधर्मों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: वियोजन में एक विलेय कण टूटकर दो या अधिक कणों में विभाजित हो जाता है। इससे विलयन में कणों की संख्या बढ़ जाती है और अणुसंख्य गुणधर्मों का मान अपेक्षित मान से अधिक हो जाता है।

इस स्थिति में:i>1i>1

उदाहरण के लिए:NaCl→Na++Cl−NaCl\rightarrow Na^+ + Cl^-

13. समुद्री जल से शुद्ध जल प्राप्त करने में प्रतिलोम परासरण (Reverse Osmosis) का सिद्धांत समझाइए।
उत्तर: समुद्री जल में विभिन्न लवण घुले होते हैं। यदि समुद्री जल पर उसके परासरण दाब से अधिक दाब लगाया जाए, तो जल अर्धपारगम्य झिल्ली से होकर शुद्ध जल की ओर प्रवाहित होता है। इस प्रक्रिया को प्रतिलोम परासरण कहते हैं।

इसका उपयोग विलवणीकरण (Desalination) में समुद्री जल से पीने योग्य जल प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

14. किसी विलयन का वाष्प दाब शुद्ध विलायक की तुलना में कम क्यों होता है?
उत्तर: जब किसी अवाष्पशील विलेय को विलायक में मिलाया जाता है, तो विलायक के अणुओं का सतह से वाष्प अवस्था में जाने की प्रवृत्ति कम हो जाती है। परिणामस्वरूप विलायक का वाष्प दाब कम हो जाता है। इसी कारण विलयन का वाष्प दाब शुद्ध विलायक से कम होता है।

15. अणुसंख्य गुणधर्मों की सहायता से अज्ञात पदार्थ का मोलर द्रव्यमान कैसे ज्ञात किया जा सकता है?
उत्तर: किसी अज्ञात पदार्थ को ज्ञात द्रव्यमान के विलायक में घोलकर उसके अणुसंख्य गुणधर्म को मापा जाता है। उदाहरण के लिए हिमांक में अवनमन के लिए:ΔTf=Kfw2M2w1×1000\Delta T_f=K_f\frac{w_2}{M_2w_1}\times1000

अतः अज्ञात पदार्थ का मोलर द्रव्यमान:M2=Kfw2×1000ΔTfw1M_2=\frac{K_fw_2\times1000}{\Delta T_fw_1}

जहाँ w2w_2 विलेय का द्रव्यमान, w1w_1 विलायक का द्रव्यमान और M2M_2 विलेय का मोलर द्रव्यमान है।


विलयन (Solutions) कक्षा 12 : 5 अंक वाले 10 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

1. अणुसंख्य गुणधर्म (Colligative Properties) क्या हैं? क्वथनांक में उन्नयन (Elevation in Boiling Point) को समझाइए तथा इसका गणितीय संबंध व्युत्पन्न कीजिए।

उत्तर:
वे गुण जो विलयन में उपस्थित विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं, विलेय की प्रकृति पर नहीं, अणुसंख्य गुणधर्म कहलाते हैं। इनके चार प्रकार हैं—वाष्प दाब का सापेक्ष अवनमन, क्वथनांक में उन्नयन, हिमांक में अवनमन तथा परासरण दाब।

जब किसी अवाष्पशील विलेय को विलायक में घोला जाता है, तो विलायक का वाष्प दाब कम हो जाता है। अतः विलयन को वायुमंडलीय दाब के बराबर वाष्प दाब प्राप्त करने के लिए अधिक तापमान तक गर्म करना पड़ता है। इसलिए विलयन का क्वथनांक बढ़ जाता है।

क्वथनांक में उन्नयन:ΔTb=Tb−Tb0\Delta T_b=T_b-T_b^0

तनु विलयन के लिए:ΔTb=Kbm\Delta T_b=K_bm

जहाँ KbK_b मोलल उन्नयन स्थिरांक (Molal Elevation Constant) तथा mm विलयन की मोललता है।

यदि विलेय का द्रव्यमान w2w_2, मोलर द्रव्यमान M2M_2 तथा विलायक का द्रव्यमान w1w_1 ग्राम हो, तो:m=w2×1000M2w1m=\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}

अतः,ΔTb=Kbw2×1000M2w1\boxed{\Delta T_b=K_b\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}}

इससे विलेय का मोलर द्रव्यमान:M2=Kbw2×1000ΔTbw1\boxed{M_2=\frac{K_bw_2\times1000}{\Delta T_bw_1}}


2. हिमांक में अवनमन (Depression in Freezing Point) को समझाइए तथा विलेय के मोलर द्रव्यमान के लिए समीकरण व्युत्पन्न कीजिए।

उत्तर:
जब किसी अवाष्पशील विलेय को विलायक में घोला जाता है, तो विलयन का वाष्प दाब शुद्ध विलायक की तुलना में कम हो जाता है। परिणामस्वरूप विलयन का हिमांक शुद्ध विलायक के हिमांक से कम हो जाता है। इसे हिमांक में अवनमन कहते हैं।ΔTf=Tf0−Tf\Delta T_f=T_f^0-T_f

तनु विलयन के लिए:ΔTf=Kfm\Delta T_f=K_fm

जहाँ KfK_f मोलल अवनमन स्थिरांक (Molal Depression Constant) है।

यदि विलेय का द्रव्यमान w2w_2, मोलर द्रव्यमान M2M_2 तथा विलायक का द्रव्यमान w1w_1 ग्राम है, तो:m=w2×1000M2w1m=\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}

अतः,ΔTf=Kfw2×1000M2w1\Delta T_f = K_f\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}

इसलिए,M2=Kfw2×1000ΔTfw1\boxed{M_2=\frac{K_fw_2\times1000}{\Delta T_fw_1}}

इस समीकरण की सहायता से अज्ञात विलेय का मोलर द्रव्यमान ज्ञात किया जा सकता है।


3. परासरण (Osmosis) और परासरण दाब (Osmotic Pressure) को समझाइए। वैन्ट हॉफ का परासरण दाब समीकरण लिखिए।

उत्तर:
अर्धपारगम्य झिल्ली (Semipermeable Membrane) के माध्यम से विलायक का कम सांद्रता वाले विलयन से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर स्वतः प्रवाहित होना परासरण कहलाता है।

परासरण को रोकने के लिए विलयन पर लगाया गया न्यूनतम बाहरी दाब परासरण दाब कहलाता है।

वैन्ट हॉफ के अनुसार तनु विलयन का परासरण दाब आदर्श गैस के दाब के समान व्यवहार करता है।πV=nRT\pi V=nRT

जहाँ nn विलेय के मोल हैं।

यदिn=wMn=\frac{w}{M}

तो,πV=wMRT\pi V=\frac{w}{M}RT

अतः,π=wRTMV\boxed{\pi=\frac{wRT}{MV}}

और यदि CC मोलर सांद्रता है, तो:π=CRT\boxed{\pi=CRT}

इलेक्ट्रोलाइट के लिए वैन्ट हॉफ गुणांक ii को शामिल करने पर:π=iCRT\boxed{\pi=iCRT}


4. वैन्ट हॉफ गुणांक (van’t Hoff Factor) क्या है? वियोजन (Dissociation) तथा संघटन (Association) के कारण इसके मान में होने वाले परिवर्तन को समझाइए।

उत्तर:
वैन्ट हॉफ गुणांक ii विलयन में विलेय कणों की वास्तविक संख्या तथा अपेक्षित संख्या के अनुपात को दर्शाता है।i=वास्तविक विलेय कणों की संख्याअपेक्षित विलेय कणों की संख्या\boxed{i= \frac{\text{वास्तविक विलेय कणों की संख्या}} {\text{अपेक्षित विलेय कणों की संख्या}}}

वियोजन: जब विलेय एक से अधिक कणों में टूटता है, तो कणों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए:i>1i>1

उदाहरण:NaCl→Na++Cl−NaCl\rightarrow Na^+ + Cl^-

पूर्ण वियोजन के लिए i≈2i\approx2।

संघटन: जब दो या अधिक विलेय कण आपस में मिलकर बड़े कण बनाते हैं, तो कणों की संख्या कम हो जाती है। इसलिए:i<1i<1

उदाहरण के लिए बेंजीन में एथेनोइक अम्ल (Ethanoic Acid) के अणु द्विलक (Dimer) बना सकते हैं।

वैन्ट हॉफ गुणांक को अणुसंख्य गुणधर्मों में इस प्रकार शामिल किया जाता है:ΔTb=iKbm\Delta T_b=iK_bmΔTf=iKfm\Delta T_f=iK_fmπ=iCRT\pi=iCRT


5. राउल्ट का नियम (Raoult’s Law) लिखिए। आदर्श तथा अनादर्श विलयन (Non-Ideal Solution) में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
राउल्ट के नियम के अनुसार किसी आदर्श विलयन में किसी वाष्पशील घटक का आंशिक वाष्प दाब उसके मोल-अंश तथा शुद्ध घटक के वाष्प दाब के गुणनफल के बराबर होता है।pA=XApA0p_A=X_Ap_A^0

द्विघटकीय विलयन के लिए:p=XApA0+XBpB0p=X_Ap_A^0+X_Bp_B^0

आदर्श विलयन:

  1. यह सभी सांद्रताओं पर राउल्ट के नियम का पालन करता है।
  2. इसमें

ΔHmix=0\Delta H_{\text{mix}}=0

  1. इसमें

ΔVmix=0\Delta V_{\text{mix}}=0

अनादर्श विलयन:

  1. यह राउल्ट के नियम से विचलन दिखाता है।
  2. इसमें

ΔHmix≠0\Delta H_{\text{mix}}\neq0

  1. इसमें

ΔVmix≠0\Delta V_{\text{mix}}\neq0

अनादर्श विलयन राउल्ट के नियम से धनात्मक या ऋणात्मक विचलन दिखा सकता है।


6. राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन (Positive Deviation) और ऋणात्मक विचलन (Negative Deviation) को उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:

धनात्मक विचलन:
जब विलयन का वास्तविक वाष्प दाब राउल्ट के नियम से प्राप्त अपेक्षित वाष्प दाब से अधिक होता है, तो इसे धनात्मक विचलन कहते हैं।

इसमें A–B अणुओं के बीच आकर्षण बल, A–A तथा B–B के बीच आकर्षण बल से कमजोर होता है। इसलिए अणु आसानी से वाष्प अवस्था में चले जाते हैं।

उदाहरण:

एथेनॉल + एसीटोन

धनात्मक विचलन के कारण क्वथनांक कम होता है और न्यूनतम क्वथनांक अज़ियोट्रोप (Minimum Boiling Azeotrope) बन सकता है।

ऋणात्मक विचलन:
जब वास्तविक वाष्प दाब अपेक्षित वाष्प दाब से कम होता है, तो ऋणात्मक विचलन कहते हैं।

इसमें A–B आकर्षण बल अधिक प्रबल होता है। इसलिए अणुओं का वाष्प अवस्था में जाना कठिन हो जाता है।

उदाहरण:

क्लोरोफॉर्म + एसीटोन

इसमें प्रबल आकर्षण के कारण अधिकतम क्वथनांक अज़ियोट्रोप (Maximum Boiling Azeotrope) बन सकता है। CBSE PYQ में क्लोरोफॉर्म–एसीटोन के विचलन और क्वथनांक पर प्रश्न पूछा गया है। (PYQ Vault)


7. हेनरी का नियम (Henry’s Law) लिखिए। इसके आधार पर गैसों की द्रवों में विलेयता को प्रभावित करने वाले कारकों को समझाइए तथा दो अनुप्रयोग लिखिए।

उत्तर:
नियत तापमान पर किसी द्रव में गैस की विलेयता उसके आंशिक दाब के समानुपाती होती है।p=KHX\boxed{p=K_HX}

जहाँ pp गैस का आंशिक दाब, XX विलयन में गैस का मोल-अंश तथा KHK_H हेनरी स्थिरांक है।

तापमान का प्रभाव: सामान्यतः तापमान बढ़ाने पर गैसों की द्रवों में विलेयता कम हो जाती है।

दाब का प्रभाव: दाब बढ़ाने पर गैस की विलेयता बढ़ती है।

अनुप्रयोग:

  1. शीतल पेय (Soft Drinks) में CO2CO_2 को उच्च दाब पर घोला जाता है।
  2. अधिक गहराई पर समुद्र में रहने वाले गोताखोरों के रक्त में गैसों की अधिक विलेयता के कारण डिकम्प्रेशन की समस्या हो सकती है।

8. 18 g ग्लूकोज (C6H12O6)(C_6H_{12}O_6) को 1 kg जल में घोला गया है। जल का Kb=0.52 K kg mol−1K_b=0.52\,K\,kg\,mol^{-1} तथा शुद्ध जल का क्वथनांक 373.15 K373.15\,K है। विलयन का क्वथनांक ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिया गया:w2=18gw_2=18g

ग्लूकोज का मोलर द्रव्यमान:M2=180g mol−1M_2=180g\,mol^{-1}w1=1kgw_1=1kgKb=0.52K kg mol−1K_b=0.52K\,kg\,mol^{-1}

ग्लूकोज का कोई वियोजन नहीं होता, अतः:i=1i=1

ग्लूकोज के मोल:n=18180=0.1moln=\frac{18}{180}=0.1mol

मोललता:m=0.11=0.1mol kg−1m=\frac{0.1}{1}=0.1mol\,kg^{-1}

क्वथनांक में उन्नयन:ΔTb=iKbm\Delta T_b=iK_bm=1×0.52×0.1=1\times0.52\times0.1ΔTb=0.052K\Delta T_b=0.052K

अतः विलयन का क्वथनांक:Tb=373.15+0.052T_b=373.15+0.052Tb=373.202K\boxed{T_b=373.202K}

अर्थात लगभग:373.20K\boxed{373.20K}


9. 60 g ग्लूकोज को 250 g जल में घोला गया है। जल के लिए Kf=1.86 K kg mol−1K_f=1.86\,K\,kg\,mol^{-1} तथा ग्लूकोज का मोलर द्रव्यमान 180 g mol−1180\,g\,mol^{-1} है। विलयन का हिमांक ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिया गया:w2=60gw_2=60gM2=180g mol−1M_2=180g\,mol^{-1}w1=250gw_1=250gKf=1.86K kg mol−1K_f=1.86K\,kg\,mol^{-1}

शुद्ध जल का हिमांक:Tf0=0∘CT_f^0=0^\circ C

ग्लूकोज के मोल:n=60180=13moln=\frac{60}{180}=\frac13 mol

मोललता:m=60×1000180×250m=\frac{60\times1000}{180\times250}m=1.333 mol kg−1m=1.333\,mol\,kg^{-1}

अब,ΔTf=Kfm\Delta T_f=K_fm=1.86×1.333=1.86\times1.333ΔTf≈2.48K\Delta T_f\approx2.48K

अतः विलयन का हिमांक:Tf=Tf0−ΔTfT_f=T_f^0-\Delta T_f=0−2.48=0-2.48Tf≈−2.48∘C\boxed{T_f\approx-2.48^\circ C}


10. परासरण दाब की सहायता से किसी अज्ञात विलेय का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करने की विधि समझाइए। आवश्यक समीकरण भी व्युत्पन्न कीजिए।

उत्तर:
परासरण दाब एक अणुसंख्य गुणधर्म है। इसलिए तनु विलयनों के लिए इसका उपयोग विलेय का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करने में किया जाता है।

वैन्ट हॉफ समीकरण:πV=nRT\pi V=nRT

यदि विलेय का द्रव्यमान ww और मोलर द्रव्यमान MM है, तो:n=wMn=\frac{w}{M}

अतः,πV=wMRT\pi V=\frac{w}{M}RT

इससे:M=wRTπV\boxed{M=\frac{wRT}{\pi V}}

यदि विलेय इलेक्ट्रोलाइट है और वियोजन/संघटन हो रहा है, तो वैन्ट हॉफ गुणांक को शामिल किया जाता है:πV=iwMRT\pi V=i\frac{w}{M}RT

अतः:M=iwRTπV\boxed{M=\frac{iwRT}{\pi V}}

इस प्रकार ज्ञात द्रव्यमान, तापमान, विलयन का आयतन और परासरण दाब मापकर अज्ञात पदार्थ का मोलर द्रव्यमान ज्ञात किया जा सकता है। परासरण दाब और molar-mass determination इसी अध्याय के बार-बार पूछे जाने वाले क्षेत्र हैं।


विलयन (Solutions) कक्षा 12 : 30 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न

1. विलयन (Solution) किस प्रकार का मिश्रण होता है?
(A) विषमांगी मिश्रण
(B) समांगी मिश्रण
(C) निलंबन
(D) कोलॉइड

उत्तर: (B) समांगी मिश्रण

2. विलयन में अधिक मात्रा में उपस्थित घटक कहलाता है—
(A) विलेय
(B) विलायक
(C) विद्युत अपघट्य
(D) अवक्षेप

उत्तर: (B) विलायक

3. मोलरता (Molarity) की SI इकाई है—
(A) mol kg⁻¹
(B) mol L⁻¹
(C) g L⁻¹
(D) mol m⁻³

उत्तर: (B) mol L⁻¹

4. मोललता (Molality) किस पर निर्भर नहीं करती?
(A) विलेय के मोल
(B) विलायक के द्रव्यमान
(C) तापमान
(D) विलेय की मात्रा

उत्तर: (C) तापमान

5. किसी विलयन में सभी घटकों के मोल-अंशों (Mole Fractions) का योग होता है—
(A) 0
(B) 1
(C) 2
(D) 100

उत्तर: (B) 1

6. 1 kg विलायक में 1 mol विलेय उपस्थित हो तो विलयन की मोललता होगी—
(A) 0.1 m
(B) 1 m
(C) 10 m
(D) 100 m

उत्तर: (B) 1 m

7. राउल्ट का नियम (Raoult’s Law) किससे संबंधित है?
(A) परासरण दाब
(B) वाष्प दाब
(C) हिमांक
(D) घनत्व

उत्तर: (B) वाष्प दाब

8. किसी अवाष्पशील विलेय को विलायक में मिलाने पर विलायक का वाष्प दाब—
(A) बढ़ता है
(B) घटता है
(C) अपरिवर्तित रहता है
(D) पहले बढ़ता फिर घटता है

उत्तर: (B) घटता है

9. आदर्श विलयन (Ideal Solution) किस नियम का पालन करता है?
(A) बॉयल का नियम
(B) चार्ल्स का नियम
(C) राउल्ट का नियम
(D) हेनरी का नियम

उत्तर: (C) राउल्ट का नियम

10. आदर्श विलयन के लिए मिश्रण की एन्थैल्पी परिवर्तन (ΔHmix)(\Delta H_{\text{mix}}) होती है—
(A) धनात्मक
(B) ऋणात्मक
(C) शून्य
(D) अनंत

उत्तर: (C) शून्य

11. आदर्श विलयन के लिए मिश्रण का आयतन परिवर्तन (ΔVmix)(\Delta V_{\text{mix}}) होता है—
(A) शून्य
(B) धनात्मक
(C) ऋणात्मक
(D) तापमान पर निर्भर

उत्तर: (A) शून्य

12. अणुसंख्य गुणधर्म (Colligative Properties) निर्भर करते हैं—
(A) विलेय की प्रकृति पर
(B) विलायक की प्रकृति पर
(C) विलेय कणों की संख्या पर
(D) विलयन के रंग पर

उत्तर: (C) विलेय कणों की संख्या पर

13. निम्नलिखित में से कौन-सा अणुसंख्य गुणधर्म है?
(A) पृष्ठ तनाव
(B) श्यानता
(C) क्वथनांक में उन्नयन
(D) अपवर्तनांक

उत्तर: (C) क्वथनांक में उन्नयन

14. अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन का क्वथनांक—
(A) घटता है
(B) बढ़ता है
(C) अपरिवर्तित रहता है
(D) शून्य हो जाता है

उत्तर: (B) बढ़ता है

15. क्वथनांक में उन्नयन का सही समीकरण है—
(A) ΔTb=Kfm\Delta T_b=K_fm
(B) ΔTb=Kbm\Delta T_b=K_bm
(C) ΔTb=CRT\Delta T_b=CRT
(D) ΔTb=pV\Delta T_b=pV

उत्तर: (B) ΔTb=Kbm\Delta T_b=K_bm

16. अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन का हिमांक—
(A) बढ़ता है
(B) घटता है
(C) अपरिवर्तित रहता है
(D) पहले बढ़ता फिर घटता है

उत्तर: (B) घटता है

17. हिमांक में अवनमन का समीकरण है—
(A) ΔTf=Kfm\Delta T_f=K_fm
(B) ΔTf=Kbm\Delta T_f=K_bm
(C) ΔTf=CRT\Delta T_f=CRT
(D) ΔTf=pV\Delta T_f=pV

उत्तर: (A) ΔTf=Kfm\Delta T_f=K_fm

18. परासरण दाब (Osmotic Pressure) का समीकरण है—
(A) π=Kfm\pi=K_fm
(B) π=Kbm\pi=K_bm
(C) π=CRT\pi=CRT
(D) π=pV\pi=pV

उत्तर: (C) π=CRT\pi=CRT

19. अर्धपारगम्य झिल्ली (Semipermeable Membrane) किसे पार करने देती है?
(A) केवल विलेय को
(B) केवल विलायक को
(C) विलेय और विलायक दोनों को
(D) किसी को नहीं

उत्तर: (B) केवल विलायक को

20. परासरण (Osmosis) में विलायक का प्रवाह होता है—
(A) अधिक सांद्रता से कम सांद्रता की ओर
(B) कम सांद्रता से अधिक सांद्रता की ओर
(C) दोनों दिशाओं में समान
(D) केवल गैस की ओर

उत्तर: (B) कम सांद्रता से अधिक सांद्रता की ओर

21. हेनरी का नियम (Henry’s Law) किससे संबंधित है?
(A) ठोसों की द्रव में विलेयता
(B) गैसों की द्रव में विलेयता
(C) द्रवों की गैस में विलेयता
(D) ठोसों की गैस में विलेयता

उत्तर: (B) गैसों की द्रव में विलेयता

22. हेनरी के नियम का समीकरण है—
(A) p=KHXp=K_HX
(B) p=Kbmp=K_bm
(C) p=CRTp=CRT
(D) p=X/KHp=X/K_H

उत्तर: (A) p=KHXp=K_HX

23. गैस की द्रव में विलेयता बढ़ाने के लिए सामान्यतः क्या करना चाहिए?
(A) दाब घटाना
(B) दाब बढ़ाना
(C) तापमान बहुत बढ़ाना
(D) द्रव को वाष्पित करना

उत्तर: (B) दाब बढ़ाना

24. वैन्ट हॉफ गुणांक (van’t Hoff Factor) को किस प्रतीक से दर्शाया जाता है?
(A) K
(B) R
(C) i
(D) π

उत्तर: (C) i

25. विलेय के वियोजन (Dissociation) के कारण वैन्ट हॉफ गुणांक सामान्यतः—
(A) i<1i<1
(B) i=0i=0
(C) i>1i>1
(D) i=1i=1 ही रहता है

उत्तर: (C) i>1i>1

26. विलेय के संघटन (Association) के कारण वैन्ट हॉफ गुणांक सामान्यतः—
(A) i>1i>1
(B) i<1i<1
(C) i=1i=1
(D) i=0i=0

उत्तर: (B) i<1i<1

27. NaClNaCl के पूर्ण वियोजन पर एक NaClNaCl इकाई से कितने आयन प्राप्त होते हैं?
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 4

उत्तर: (B) 2

28. प्रतिलोम परासरण (Reverse Osmosis) का उपयोग मुख्यतः किसके लिए किया जाता है?
(A) जल को गर्म करने के लिए
(B) समुद्री जल के विलवणीकरण के लिए
(C) गैसों को अलग करने के लिए
(D) धातुओं को गलाने के लिए

उत्तर: (B) समुद्री जल के विलवणीकरण के लिए

29. निम्नलिखित में से किसका जलीय विलयन अधिकतम परासरण दाब देगा, यदि सभी की सांद्रता समान हो और पूर्ण वियोजन हो?
(A) ग्लूकोज
(B) यूरिया
(C) NaCl
(D) सुक्रोज

उत्तर: (C) NaCl

30. समान तापमान और समान सांद्रता पर निम्नलिखित में से किस विलयन का परासरण दाब सबसे अधिक होगा, यदि सभी पदार्थ पूर्णतः आयनित हों?
(A) NaCl
(B) CaCl₂
(C) KCl
(D) ग्लूकोज

उत्तर: (B) CaCl₂


विलयन (Solutions) कक्षा 12 : 10 महत्वपूर्ण सत्य-असत्य प्रश्न

1. विलयन एक समांगी मिश्रण होता है।
उत्तर: सत्य

2. मोलरता तापमान में परिवर्तन से प्रभावित नहीं होती है।
उत्तर: असत्य

3. मोललता तापमान में परिवर्तन से प्रभावित नहीं होती है।
उत्तर: सत्य

4. आदर्श विलयन सभी सांद्रताओं पर राउल्ट के नियम का पालन करता है।
उत्तर: सत्य

5. अवाष्पशील विलेय को विलायक में मिलाने पर विलयन का वाष्प दाब बढ़ जाता है।
उत्तर: असत्य

6. अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन का क्वथनांक बढ़ जाता है।
उत्तर: सत्य

7. अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन का हिमांक बढ़ जाता है।
उत्तर: असत्य

8. अणुसंख्य गुणधर्म विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं।
उत्तर: सत्य

9. विलेय के वियोजन से वैन्ट हॉफ गुणांक का मान सामान्यतः 1 से कम हो जाता है।
उत्तर: असत्य

10. प्रतिलोम परासरण (Reverse Osmosis) का उपयोग समुद्री जल से शुद्ध जल प्राप्त करने में किया जा सकता है।
उत्तर: सत्य


विलयन (Solutions) कक्षा 12 : 20 महत्वपूर्ण रिक्त स्थान

1. दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण ________ कहलाता है।
उत्तर: विलयन (Solution)

2. विलयन में अधिक मात्रा में उपस्थित घटक ________ कहलाता है।
उत्तर: विलायक (Solvent)

3. विलयन में कम मात्रा में उपस्थित घटक ________ कहलाता है।
उत्तर: विलेय (Solute)

4. एक लीटर विलयन में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या को ________ कहते हैं।
उत्तर: मोलरता (Molarity)

5. एक किलोग्राम विलायक में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या को ________ कहते हैं।
उत्तर: मोललता (Molality)

6. मोलरता की इकाई ________ है।
उत्तर: mol L⁻¹

7. मोललता की इकाई ________ है।
उत्तर: mol kg⁻¹

8. किसी घटक के मोलों की संख्या और कुल मोलों की संख्या के अनुपात को ________ कहते हैं।
उत्तर: मोल-अंश (Mole Fraction)

9. राउल्ट का नियम (Raoult’s Law) ________ के वाष्प दाब से संबंधित है।
उत्तर: विलयन

10. अवाष्पशील विलेय को विलायक में मिलाने पर विलायक का वाष्प दाब ________ हो जाता है।
उत्तर: कम

11. अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के क्वथनांक में ________ होता है।
उत्तर: उन्नयन

12. अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के हिमांक में ________ होता है।
उत्तर: अवनमन

13. क्वथनांक में उन्नयन का समीकरण ________ है।
उत्तर: ΔTb=Kbm\Delta T_b=K_bm

14. हिमांक में अवनमन का समीकरण ________ है।
उत्तर: ΔTf=Kfm\Delta T_f=K_fm

15. परासरण दाब (Osmotic Pressure) का समीकरण ________ है।
उत्तर: π=CRT\pi=CRT

16. गैसों की द्रवों में विलेयता से संबंधित नियम ________ कहलाता है।
उत्तर: हेनरी का नियम (Henry’s Law)

17. विलेय के वियोजन (Dissociation) के कारण वैन्ट हॉफ गुणांक का मान सामान्यतः ________ होता है।
उत्तर: 1 से अधिक

18. विलेय के संघटन (Association) के कारण वैन्ट हॉफ गुणांक का मान सामान्यतः ________ होता है।
उत्तर: 1 से कम

19. अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलायक के प्रवाह को ________ कहते हैं।
उत्तर: परासरण (Osmosis)

20. समुद्री जल से शुद्ध जल प्राप्त करने के लिए ________ प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है।
उत्तर: प्रतिलोम परासरण (Reverse Osmosis)


विलयन (Solutions) कक्षा 12 : महत्वपूर्ण तथ्य

  • विलयन (Solution) दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) होता है।
  • विलयन में अधिक मात्रा में उपस्थित घटक विलायक (Solvent) तथा कम मात्रा में उपस्थित घटक विलेय (Solute) कहलाता है।
  • विलयन की सांद्रता व्यक्त करने की प्रमुख विधियाँ हैं—द्रव्यमान प्रतिशत, आयतन प्रतिशत, द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत, ppm, मोल-अंश, मोलरता और मोललता।
  • मोलरता (Molarity) तापमान पर निर्भर करती है, क्योंकि तापमान बदलने पर विलयन का आयतन बदल सकता है।
  • मोललता (Molality) तापमान से प्रभावित नहीं होती, क्योंकि यह विलायक के द्रव्यमान पर आधारित होती है।
  • मोल-अंश (Mole Fraction) का कोई मात्रक नहीं होता।
  • सभी घटकों के मोल-अंशों का योग हमेशा 1 होता है।
  • अत्यंत तनु विलयनों की सांद्रता व्यक्त करने के लिए ppm (Parts Per Million) का उपयोग किया जाता है।
  • राउल्ट का नियम (Raoult’s Law) आदर्श विलयनों के वाष्प दाब से संबंधित है।
  • आदर्श विलयन सभी सांद्रताओं पर राउल्ट के नियम का पालन करता है।
  • आदर्श विलयन में:

ΔHmix=0\Delta H_{\text{mix}}=0

औरΔVmix=0\Delta V_{\text{mix}}=0

  • अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलायक का वाष्प दाब कम हो जाता है।
  • अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन का क्वथनांक बढ़ता है और हिमांक घटता है।
  • अणुसंख्य गुणधर्म (Colligative Properties) विलेय की प्रकृति के बजाय विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं।
  • अणुसंख्य गुणधर्म चार हैं—
    1. वाष्प दाब का सापेक्ष अवनमन
    2. क्वथनांक में उन्नयन
    3. हिमांक में अवनमन
    4. परासरण दाब
  • क्वथनांक में उन्नयन:

ΔTb=Kbm\Delta T_b=K_bm

  • हिमांक में अवनमन:

ΔTf=Kfm\Delta T_f=K_fm

  • परासरण दाब:

π=CRT\pi=CRT

  • इलेक्ट्रोलाइट विलयनों के लिए वैन्ट हॉफ गुणांक ii को शामिल किया जाता है:

π=iCRT\pi=iCRT

  • विलेय के वियोजन (Dissociation) से कणों की संख्या बढ़ती है, इसलिए सामान्यतः:

i>1i>1

  • विलेय के संघटन (Association) से कणों की संख्या घटती है, इसलिए सामान्यतः:

i<1i<1

  • गैसों की द्रवों में विलेयता हेनरी के नियम (Henry’s Law) द्वारा व्यक्त की जाती है:

p=KHXp=K_HX

  • सामान्यतः दाब बढ़ाने पर गैस की द्रव में विलेयता बढ़ती है।
  • सामान्यतः तापमान बढ़ाने पर गैसों की द्रव में विलेयता घटती है।
  • परासरण (Osmosis) में विलायक अर्धपारगम्य झिल्ली (Semipermeable Membrane) से कम सांद्रता वाले विलयन की ओर से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर जाता है।
  • परासरण को रोकने के लिए आवश्यक न्यूनतम बाह्य दाब परासरण दाब (Osmotic Pressure) कहलाता है।
  • समान परासरण दाब वाले विलयन समपरासारी (Isotonic) कहलाते हैं।
  • प्रतिलोम परासरण (Reverse Osmosis) का उपयोग समुद्री जल के विलवणीकरण (Desalination) में किया जाता है।
  • अणुसंख्य गुणधर्मों की सहायता से अज्ञात पदार्थ का मोलर द्रव्यमान ज्ञात किया जा सकता है।
  • वैन्ट हॉफ गुणांक का उपयोग वियोजन तथा संघटन के कारण अणुसंख्य गुणधर्मों में होने वाले परिवर्तन को समझाने के लिए किया जाता है।
  • धनात्मक विचलन (Positive Deviation) में वास्तविक वाष्प दाब राउल्ट के नियम से अपेक्षित वाष्प दाब से अधिक होता है।
  • ऋणात्मक विचलन (Negative Deviation) में वास्तविक वाष्प दाब अपेक्षित वाष्प दाब से कम होता है।
  • धनात्मक विचलन वाले विलयन सामान्यतः न्यूनतम क्वथनांक अज़ियोट्रोप तथा ऋणात्मक विचलन वाले विलयन अधिकतम क्वथनांक अज़ियोट्रोप बना सकते हैं।

कक्षा 12 रसायन विज्ञान – विलयन (Solutions) : सम्पूर्ण सूत्रावली

सांद्रता के मापन (Concentration Terms)

द्रव्यमान प्रतिशत (Mass Percentage)द्रव्यमान प्रतिशत=विलेय का द्रव्यमानविलयन का द्रव्यमान×100\text{द्रव्यमान प्रतिशत}= \frac{\text{विलेय का द्रव्यमान}} {\text{विलयन का द्रव्यमान}} \times100

यदि विलायक का द्रव्यमान w1w_1 g तथा विलेय का द्रव्यमान w2w_2 g है:द्रव्यमान प्रतिशत=w2w1+w2×100\text{द्रव्यमान प्रतिशत}= \frac{w_2}{w_1+w_2}\times100

आयतन प्रतिशत (Volume Percentage)आयतन प्रतिशत=विलेय का आयतनविलयन का आयतन×100\text{आयतन प्रतिशत}= \frac{\text{विलेय का आयतन}} {\text{विलयन का आयतन}} \times100

द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत (Mass by Volume Percentage)द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत=विलेय का द्रव्यमान (g)विलयन का आयतन (mL)×100\text{द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत}= \frac{\text{विलेय का द्रव्यमान (g)}} {\text{विलयन का आयतन (mL)}} \times100

पार्ट्स पर मिलियन (Parts per Million – ppm)ppm=घटक के भागों की संख्याविलयन के कुल भागों की संख्या×106\text{ppm}= \frac{\text{घटक के भागों की संख्या}} {\text{विलयन के कुल भागों की संख्या}} \times10^6

मोल अंश (Mole Fraction)

दो घटकों वाले विलयन के लिए:x1=n1n1+n2x_1=\frac{n_1}{n_1+n_2}x2=n2n1+n2x_2=\frac{n_2}{n_1+n_2}

अतः,x1+x2=1x_1+x_2=1

किसी घटक ii के लिए:xi=ni∑nix_i=\frac{n_i}{\sum n_i}

मोलरता (Molarity)

मोलरता = प्रति लीटर विलयन में उपस्थित विलेय के मोल।M=n2VM=\frac{n_2}{V}

चूँकि,n2=w2M2n_2=\frac{w_2}{M_2}

अतः,M=w2M2VM=\frac{w_2}{M_2V}

यदि आयतन mL में दिया गया हो:M=w2×1000M2VmLM=\frac{w_2\times1000}{M_2V_{\mathrm{mL}}}

मोललता (Molality)

मोललता = 1 kg विलायक में उपस्थित विलेय के मोल।m=n2w1(kg)m=\frac{n_2}{w_1(\mathrm{kg})}

चूँकि,n2=w2M2n_2=\frac{w_2}{M_2}

तथा,w1(kg)=w11000w_1(\mathrm{kg})=\frac{w_1}{1000}

अतः,m=w2×1000M2w1m=\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}

राउल्ट का नियम (Raoult’s Law)

दो वाष्पशील घटकों वाले विलयन के लिए:p1=x1p1∘p_1=x_1p_1^\circp2=x2p2∘p_2=x_2p_2^\circ

कुल वाष्प दाब:P=p1+p2P=p_1+p_2

अतः,P=x1p1∘+x2p2∘P=x_1p_1^\circ+x_2p_2^\circ

चूँकि,x2=1−x1x_2=1-x_1

इसलिए,P=p2∘+(p1∘−p2∘)x1P=p_2^\circ+(p_1^\circ-p_2^\circ)x_1

अवाष्पशील विलेय वाले विलयन का वाष्प दाब

अवाष्पशील विलेय की उपस्थिति में:p1=x1p1∘p_1=x_1p_1^\circ

चूँकि,x1=1−x2x_1=1-x_2

इसलिए,p1=(1−x2)p1∘p_1=(1-x_2)p_1^\circ

अतः,p1∘−p1=x2p1∘p_1^\circ-p_1=x_2p_1^\circ

इसलिए,p1∘−p1p1∘=x2\frac{p_1^\circ-p_1}{p_1^\circ}=x_2

वाष्प दाब में सापेक्ष कमी (Relative Lowering of Vapour Pressure)p1∘−p1p1∘=x2\frac{p_1^\circ-p_1}{p_1^\circ}=x_2

तनु विलयन के लिए:x2≈n2n1x_2\approx\frac{n_2}{n_1}

अतः,p1∘−p1p1∘≈n2n1\frac{p_1^\circ-p_1}{p_1^\circ} \approx\frac{n_2}{n_1}

चूँकि,n1=w1M1n_1=\frac{w_1}{M_1}

औरn2=w2M2n_2=\frac{w_2}{M_2}

इसलिए,p1∘−p1p1∘≈w2M1w1M2\frac{p_1^\circ-p_1}{p_1^\circ} \approx \frac{w_2M_1}{w_1M_2}

विलेय का मोलर द्रव्यमान:M2=w2M1p1∘w1(p1∘−p1)M_2= \frac{w_2M_1p_1^\circ} {w_1(p_1^\circ-p_1)}

क्वथनांक में उन्नयन (Elevation in Boiling Point)

क्वथनांक में उन्नयन:ΔTb=Tb−Tb∘\Delta T_b=T_b-T_b^\circ

तनु विलयन के लिए:ΔTb=Kbm\Delta T_b=K_bm

चूँकि,m=w2×1000M2w1m=\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}

अतः,ΔTb=Kbw2×1000M2w1\Delta T_b= K_b\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}

विलेय का मोलर द्रव्यमान:M2=Kbw2×1000ΔTbw1M_2= \frac{K_bw_2\times1000} {\Delta T_bw_1}

हिमांक में अवनमन (Depression in Freezing Point)

हिमांक में अवनमन:ΔTf=Tf∘−Tf\Delta T_f=T_f^\circ-T_f

तनु विलयन के लिए:ΔTf=Kfm\Delta T_f=K_fm

चूँकि,m=w2×1000M2w1m=\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}

अतः,ΔTf=Kfw2×1000M2w1\Delta T_f= K_f\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}

विलेय का मोलर द्रव्यमान:M2=Kfw2×1000ΔTfw1M_2= \frac{K_fw_2\times1000} {\Delta T_fw_1}

परासरण दाब (Osmotic Pressure)

परासरण दाब को π\pi से प्रदर्शित करते हैं।

तनु विलयन के लिए:π=CRT\pi=CRT

चूँकि,C=n2VC=\frac{n_2}{V}

अतः,π=n2RTV\pi=\frac{n_2RT}{V}

चूँकि,n2=w2M2n_2=\frac{w_2}{M_2}

इसलिए,π=w2RTM2V\pi=\frac{w_2RT}{M_2V}

विलेय का मोलर द्रव्यमान:M2=w2RTπVM_2=\frac{w_2RT}{\pi V}

वैन्ट हॉफ गुणांक (Van’t Hoff Factor)

वैन्ट हॉफ गुणांक को ii से प्रदर्शित करते हैं।i=प्रेक्षित सहलग्न गुणधर्मगणना किया गया सहलग्न गुणधर्मi= \frac{\text{प्रेक्षित सहलग्न गुणधर्म}} {\text{गणना किया गया सहलग्न गुणधर्म}}

इसे मोलर द्रव्यमान के रूप में:i=सामान्य मोलर द्रव्यमानप्रेक्षित मोलर द्रव्यमानi= \frac{\text{सामान्य मोलर द्रव्यमान}} {\text{प्रेक्षित मोलर द्रव्यमान}}

अतः,प्रेक्षित मोलर द्रव्यमान=सामान्य मोलर द्रव्यमानi\text{प्रेक्षित मोलर द्रव्यमान} = \frac{\text{सामान्य मोलर द्रव्यमान}}{i}

वैन्ट हॉफ गुणांक के साथ संशोधित सूत्र

परासरण दाब:π=iCRT\pi=iCRT

क्वथनांक में उन्नयन:ΔTb=iKbm\Delta T_b=iK_bm

हिमांक में अवनमन:ΔTf=iKfm\Delta T_f=iK_fm

वाष्प दाब में सापेक्ष कमी:p1∘−p1p1∘=ix2\frac{p_1^\circ-p_1}{p_1^\circ}=ix_2

वियोजन (Dissociation) के लिए वैन्ट हॉफ गुणांक

यदि एक अणु nn कणों में वियोजित होता है:AB→A+BAB\rightarrow A+B

और वियोजन की मात्रा α\alpha है, तो:i=1+(n−1)αi=1+(n-1)\alpha

अतः,α=i−1n−1\alpha=\frac{i-1}{n-1}

पूर्ण वियोजन के लिए:α=1\alpha=1

इसलिए,i=ni=n

संघटन (Association) के लिए वैन्ट हॉफ गुणांक

यदि nn अणु मिलकर एक अणु बनाते हैं:nA→AnnA\rightarrow A_n

और संघटन की मात्रा α\alpha है, तो:i=1−α+αni=1-\alpha+\frac{\alpha}{n}

या,i=1−(1−1n)αi=1-\left(1-\frac{1}{n}\right)\alpha

अतः,α=1−i1−1n\alpha= \frac{1-i}{1-\frac{1}{n}}

बोर्ड परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण सूत्र

मोलरता:M=w2×1000M2VmLM=\frac{w_2\times1000}{M_2V_{\mathrm{mL}}}

मोललता:m=w2×1000M2w1m=\frac{w_2\times1000}{M_2w_1}

क्वथनांक में उन्नयन:ΔTb=iKbm\Delta T_b=iK_bm

हिमांक में अवनमन:ΔTf=iKfm\Delta T_f=iK_fm

परासरण दाब:π=iCRT\pi=iCRT

परासरण दाब से मोलर द्रव्यमान:M2=w2RTπVM_2=\frac{w_2RT}{\pi V}

क्वथनांक में उन्नयन से मोलर द्रव्यमान:M2=iKbw2×1000ΔTbw1M_2= \frac{iK_bw_2\times1000} {\Delta T_bw_1}

हिमांक में अवनमन से मोलर द्रव्यमान:M2=iKfw2×1000ΔTfw1M_2= \frac{iK_fw_2\times1000} {\Delta T_fw_1}

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