अध्याय 10: जीवित प्राणी – उनकी विशेषताओं का अन्वेषण
जीवित प्राणियों की विशेषताएँ
जीवित प्राणियों में कुछ विशेष लक्षण होते हैं जो उन्हें निर्जीव वस्तुओं से अलग करते हैं। ये विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- गति: जीव स्वयं चल सकते हैं। जानवर एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते हैं, जबकि पौधों के पत्ते और फूल हिलते हैं।
- वृद्धि: सभी जीवित प्राणी बढ़ते हैं। जानवर एक निश्चित आयु तक बढ़ते हैं, जबकि पौधे जीवनभर बढ़ते रहते हैं।
- प्रजनन: जीव अपनी प्रजाति को बनाए रखने के लिए प्रजनन करते हैं। यह लैंगिक या अलैंगिक हो सकता है।
- श्वसन: जीवित प्राणी ऑक्सीजन (या पौधों में कार्बन डाइऑक्साइड) ग्रहण कर भोजन को तोड़कर ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
- उत्तेजना की प्रतिक्रिया: जीव बाहरी कारकों जैसे प्रकाश, तापमान, स्पर्श, और ध्वनि के प्रति प्रतिक्रिया देते हैं। उदाहरण के लिए, पौधे सूर्य की ओर बढ़ते हैं।
- अपशिष्ट निष्कासन (निष्कासन): शरीर द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाला जाता है। जानवर मूत्र और पसीने के माध्यम से अपशिष्ट निकालते हैं, जबकि पौधे ऑक्सीजन और अन्य पदार्थ छोड़ते हैं।
- पोषण: जीवित प्राणियों को जीवित रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है। वे या तो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं (स्वपोषी) या दूसरों पर निर्भर रहते हैं (परपोषी)।
- अनुकूलन: जीव अपने पर्यावरण के अनुसार अनुकूलित होते हैं। उदाहरण के लिए, ऊँट रेगिस्तान में ऊर्जा संग्रहीत करने के लिए कूबड़ रखते हैं।

जीवित और निर्जीव चीजों के बीच अंतर
| विशेषताएँ | जीवित चीजें | निर्जीव चीजें |
|---|---|---|
| गति | स्वयं चल सकते हैं | स्वयं नहीं हिल सकते हैं |
| वृद्धि | आकार और द्रव्यमान में वृद्धि | नहीं बढ़ते हैं |
| प्रजनन | संतान उत्पन्न कर सकते हैं | प्रजनन नहीं कर सकते |
| श्वसन | ऑक्सीजन या कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं | श्वसन नहीं करते |
| उत्तेजना की प्रतिक्रिया | पर्यावरण के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं | प्रतिक्रिया नहीं करते |
| पोषण | भोजन की आवश्यकता होती है | भोजन की आवश्यकता नहीं होती |
| अपशिष्ट निष्कासन | शरीर से अपशिष्ट निकालते हैं | अपशिष्ट निष्कासन नहीं होता |
| अनुकूलन | पर्यावरण के अनुसार बदलते हैं | अनुकूलन नहीं होता |
जीवों में वृद्धि, प्रजनन और श्वसन
वृद्धि
- वृद्धि जीवों की एक आवश्यक विशेषता है।
- इसमें आकार, द्रव्यमान और कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है।
- जानवरों में वृद्धि एक निश्चित आयु तक होती है, जबकि पौधे जीवनभर बढ़ते रहते हैं।
प्रजनन
- नए जीवों का निर्माण करने की प्रक्रिया प्रजनन कहलाती है।
- प्रजनन के प्रकार:
- लैंगिक प्रजनन: दो माता-पिता की भागीदारी होती है, जैसे मानव, कुत्ते।
- अलैंगिक प्रजनन: केवल एक माता-पिता द्वारा प्रजनन होता है, जैसे बैक्टीरिया, अमीबा (द्विविभाजन), और खमीर में कलिकाजनन।
श्वसन
- श्वसन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें जीव भोजन को तोड़कर ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
- दो प्रकार के श्वसन होते हैं:
- एरोबिक श्वसन: ऑक्सीजन का उपयोग करके ऊर्जा प्राप्त की जाती है (जैसे मानव, जानवर)।
- एनेरोबिक श्वसन: बिना ऑक्सीजन के होता है (जैसे कुछ बैक्टीरिया, खमीर)।
- पौधे प्रकाश-संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जबकि जानवर ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।
पर्यावरण का जीवों के लिए महत्व
पर्यावरण जीवों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह जीवों को आवश्यक संसाधन प्रदान करता है और उनके जीवन को प्रभावित करता है।
- भोजन और पानी: पर्यावरण जीवन के लिए आवश्यक पोषक तत्व और पानी प्रदान करता है।
- वायु: प्राणवायु (ऑक्सीजन) पशुओं के लिए आवश्यक है, जबकि पौधों को प्रकाश-संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड की आवश्यकता होती है।
- आश्रय: जीव अपने परिवेश पर सुरक्षा और निवास के लिए निर्भर करते हैं।
- जलवायु और अनुकूलन: जीव विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में जीवित रहने के लिए अनुकूलित होते हैं।
- पारस्परिक निर्भरता: जीव एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं। उदाहरण के लिए, पौधे ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं जिसे जानवर साँस लेते हैं, और जानवर कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं जिसका उपयोग पौधे करते हैं।
- जैव विविधता: विविध पर्यावरण विभिन्न प्रजातियों का समर्थन करता है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है।

निष्कर्ष
जीवों में कुछ विशेष गुण होते हैं जो उन्हें निर्जीव चीजों से अलग बनाते हैं। वृद्धि, प्रजनन और श्वसन जीवों के जीवन के लिए आवश्यक प्रक्रियाएँ हैं। पर्यावरण जीवन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह जीवों को आवश्यक संसाधन प्रदान करता है और उनके अनुकूलन को प्रभावित करता है।


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