Table of Contents :

NEET जीवविज्ञान पाठ्यक्रम : कक्षा 11वीं


इकाई 1 : जीव जगत में विविधता(Diversity in Living World)

  • जीव क्या है?; जैव विविधता; वर्गीकरण की आवश्यकता; वर्गिकी एवं प्रणाली विज्ञान; प्रजाति की अवधारणा एवं वर्गीकरणीय श्रेणीक्रम; द्विनाम पद्धति।
  • पंच-जगत वर्गीकरण; मोनेरा, प्रोटिस्टा एवं कवक के प्रमुख लक्षण एवं उनका प्रमुख समूहों में वर्गीकरण; लाइकेन; विषाणु एवं वायरोइड।
  • पादपों के प्रमुख समूहों—शैवाल, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, जिम्नोस्पर्म—के प्रमुख लक्षण एवं वर्गीकरण (प्रत्येक के 3–5 विशिष्ट लक्षण तथा कम से कम दो उदाहरण)।
  • जन्तुओं के प्रमुख लक्षण एवं वर्गीकरण—अकशेरुकी (फाइला स्तर तक) एवं कशेरुकी (वर्ग स्तर तक) (3–5 प्रमुख लक्षण एवं कम से कम दो उदाहरण)।

इकाई 2 : जन्तुओं एवं पादपों में संरचनात्मक संगठन(Structural Organisation in Animals and Plants)

  • आकृति विज्ञान एवं रूपांतरण; ऊतक।
  • आवृतबीजी पादपों के विभिन्न भागों की संरचना एवं कार्य—जड़, तना, पत्ती, पुष्पक्रम (साइमोज एवं रेसिमोज), पुष्प, फल एवं बीज (प्रायोगिक पाठ्यक्रम के साथ)।
  • कुल (मालवेसी, क्रूसीफेरी, लेग्यूमिनोसी, कॉम्पोजिटी, ग्रेमिनी)।
  • जन्तु ऊतक; कीट (मेंढक) के विभिन्न तंत्रों—पाचन, परिसंचरण, श्वसन, तंत्रिका एवं प्रजनन तंत्र—की संरचना एवं कार्य (संक्षेप में)।

इकाई 3 : कोशिका संरचना एवं कार्य(Cell Structure and Function)

  • कोशिका सिद्धांत एवं जीवन की मूल इकाई के रूप में कोशिका; प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिका की संरचना; पादप एवं जन्तु कोशिका।
  • कोशिका आवरण, कोशिका झिल्ली, कोशिका भित्ति; कोशिकांग—संरचना एवं कार्य।
  • एंडोमेम्ब्रेन तंत्र—एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम, गोल्जी निकाय, लाइसोसोम, वैक्यूल; माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम, प्लास्टिड, माइक्रोबॉडी।
  • साइटोस्केलेटन, सिलिया, फ्लैजेला, सेंट्रिओल (अतिसूक्ष्म संरचना एवं कार्य); केंद्रक—केंद्रकीय झिल्ली, क्रोमैटिन, न्यूक्लियोलस।

जीवित कोशिकाओं के रासायनिक घटक:

  • जैव-अणु—प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, न्यूक्लिक अम्ल की संरचना एवं कार्य।
  • एंजाइम—प्रकार, गुण, क्रिया-विधि, वर्गीकरण एवं नामकरण।

कोशिका विभाजन:

  • कोशिका चक्र, मिथोसिस, मियोसिस एवं उनका महत्व।

इकाई 4 : पादप शरीर क्रिया विज्ञान (Plant Physiology)

प्रकाश संश्लेषण:

  • स्वपोषी पोषण के रूप में प्रकाश संश्लेषण; प्रकाश संश्लेषण का स्थान; वर्णक (मूलभूत अवधारणा); प्रकाश रासायनिक एवं जैवसंश्लेषण चरण; चक्रीय एवं अचक्रीय फोटॉफॉस्फोरिलेशन; केमिओस्मोटिक परिकल्पना; फोटोरेस्पिरेशन; C3 एवं C4 मार्ग; प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक।

श्वसन:

  • गैसों का विनिमय; कोशिकीय श्वसन—ग्लाइकोलिसिस, किण्वन (अवायवीय), TCA चक्र एवं इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (वायवीय); ऊर्जा संबंध—ATP अणुओं की संख्या; उभयपथी मार्ग; श्वसन गुणांक।

पादप वृद्धि एवं विकास:

  • बीज अंकुरण; पादप वृद्धि के चरण एवं वृद्धि दर; वृद्धि की स्थितियाँ; विभेदन, अपविभेदन एवं पुनर्विभेदन; विकास प्रक्रियाओं का क्रम; वृद्धि नियंत्रक—ऑक्सिन, जिबरेलिन, साइटोकाइनिन, एथिलीन, ABA।

इकाई 5 : मानव शरीर क्रिया विज्ञान (Human Physiology)

श्वसन एवं श्वास:

  • जन्तुओं में श्वसन अंग (केवल पुनरावृत्ति); मनुष्य का श्वसन तंत्र; श्वसन की क्रिया-विधि एवं नियंत्रण; गैसों का विनिमय एवं परिवहन; श्वसन आयतन; श्वसन संबंधी विकार—दमा, एम्फाइसीमा, व्यावसायिक रोग।

शारीरिक द्रव एवं परिसंचरण:

  • रक्त की संरचना, रक्त समूह, रक्त का थक्का बनना; लसीका का संघटन एवं कार्य; मानव परिसंचरण तंत्र—हृदय एवं रक्त वाहिकाएँ; हृदय चक्र, कार्डियक आउटपुट, ECG, द्वि-परिसंचरण; हृदय क्रिया का नियंत्रण; विकार—उच्च रक्तचाप, कोरोनरी धमनी रोग, एंजाइना, हृदय विफलता।

उत्सर्जी पदार्थ एवं उनका निष्कासन:

  • उत्सर्जन के प्रकार—अमोनोटेलिज्म, यूरियोटेलिज्म, यूरिकोटेलिज्म; मानव उत्सर्जी तंत्र; मूत्र निर्माण; परासरण नियंत्रण; वृक्क क्रिया का नियंत्रण—रेनिन-एंजियोटेंसिन, ANF, ADH; अन्य अंगों की भूमिका; विकार—यूरीमिया, वृक्क विफलता, पथरी, नेफ्राइटिस; डायलिसिस एवं कृत्रिम वृक्क।

गमन एवं संचलन:

  • गति के प्रकार—सिलियरी, फ्लैजेलर, पेशीय; कंकालीय पेशियाँ एवं संकुचन; कंकाल तंत्र एवं उसके कार्य; संधियाँ; विकार—मायस्थीनिया ग्रेविस, टेटनी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, आर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस, गाउट।

तंत्रिका नियंत्रण एवं समन्वय:

  • न्यूरॉन एवं तंत्रिकाएँ; मानव तंत्रिका तंत्र—केंद्रीय, परिधीय एवं स्वायत्त; तंत्रिका आवेग का उत्पन्न एवं संचरण।

रासायनिक समन्वय एवं नियंत्रण:

  • अंतःस्रावी ग्रंथियाँ एवं हार्मोन; मानव अंतःस्रावी तंत्र—हाइपोथैलेमस, पिट्यूटरी, पीनियल, थायरॉयड, पैराथायरॉयड, अधिवृक्क, अग्न्याशय, जनन ग्रंथियाँ; हार्मोन की क्रिया-विधि (मूल अवधारणा); संदेशवाहक एवं नियंत्रक के रूप में हार्मोन; हाइपो/हाइपर सक्रियता एवं संबंधित विकार—बौनापन, एक्रोमेगली, क्रेटिनिज्म, घेंघा, एक्सोफ्थैल्मिक घेंघा, मधुमेह, एडिसन रोग।

(महत्वपूर्ण: उपर्युक्त सभी रोग एवं विकारों का संक्षिप्त अध्ययन अपेक्षित है।)

NEET जीवविज्ञान पाठ्यक्रम : कक्षा 12वीं


इकाई 6 : प्रजनन (Reproduction)

आवृतबीजी पादपों में लैंगिक प्रजनन:

  • पुष्प की संरचना; नर एवं मादा गैमेटोफाइट का विकास।
  • परागण—प्रकार, माध्यम एवं उदाहरण; बहिर्प्रजनन युक्तियाँ।
  • पराग-कर्पेल अंतःक्रिया; द्विगुणित निषेचन।
  • निषेचन के पश्चात घटनाएँ—एंडोस्पर्म एवं भ्रूण का विकास; बीज का विकास एवं फल का निर्माण।
  • विशेष विधियाँ—अपोमिक्सिस, पार्थेनोकार्पी, बहुभ्रूणता।
  • बीज एवं फल निर्माण का महत्व।

मानव प्रजनन:

  • नर एवं मादा प्रजनन तंत्र; वृषण एवं अंडाशय की सूक्ष्म संरचना।
  • गैमेटोजेनेसिस—शुक्राणुजनन एवं अंडाणुजनन।
  • मासिक धर्म चक्र; निषेचन, ब्लास्टोसिस्ट तक भ्रूण विकास एवं आरोपण।
  • गर्भावस्था एवं प्लेसेंटा का निर्माण (मूल अवधारणा); प्रसव (मूल अवधारणा); दुग्धस्राव (मूल अवधारणा)।

प्रजनन स्वास्थ्य:

  • प्रजनन स्वास्थ्य की आवश्यकता; यौन संचारित रोगों (STD) की रोकथाम।
  • जन्म नियंत्रण—आवश्यकता एवं विधियाँ; गर्भनिरोध एवं चिकित्सीय गर्भसमापन (MTP)।
  • एम्नियोसेंटेसिस; बांझपन एवं सहायक प्रजनन तकनीकें—IVF, ZIFT, GIFT (सामान्य जानकारी)।

इकाई 7 : आनुवंशिकी एवं विकास (Genetics and Evolution)

वंशागति एवं विविधता:

  • मेंडल के नियम; मेंडलवाद से विचलन—अपूर्ण प्रभुत्व, सह-प्रभुत्व, बहु एलील, रक्त समूहों की वंशागति, बहुप्रभाविता।
  • बहुजनी वंशागति की मूल अवधारणा; गुणसूत्र सिद्धांत; गुणसूत्र एवं जीन।
  • लिंग निर्धारण—मनुष्य, पक्षी एवं मधुमक्खी में।
  • लिंकिज एवं क्रॉसिंग ओवर; लिंग-संबद्ध वंशागति—हीमोफीलिया, वर्णांधता।
  • मानव में मेंडेलियन विकार—थैलेसीमिया; गुणसूत्रीय विकार—डाउन सिंड्रोम, टर्नर सिंड्रोम, क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम।

वंशागति का आणविक आधार:

  • आनुवंशिक पदार्थ की खोज एवं DNA का आनुवंशिक पदार्थ के रूप में सिद्ध होना।
  • DNA एवं RNA की संरचना; DNA पैकेजिंग; DNA प्रतिकृति।
  • केंद्रीय सिद्धांत; ट्रांसक्रिप्शन, आनुवंशिक कूट, ट्रांसलेशन।
  • जीन अभिव्यक्ति एवं नियंत्रण—लैक ऑपेरॉन; जीनोम एवं मानव जीनोम परियोजना।
  • DNA फिंगरप्रिंटिंग; प्रोटीन संश्लेषण।

विकास:

  • जीवन की उत्पत्ति; जैविक विकास एवं उसके प्रमाण—जीवाश्म विज्ञान, तुलनात्मक शरीर रचना, भ्रूण विज्ञान एवं आणविक प्रमाण।
  • डार्विन का योगदान; आधुनिक संश्लेषित सिद्धांत।
  • विकास की क्रियाविधि—विविधता (उत्परिवर्तन एवं पुनर्संयोजन) एवं प्राकृतिक चयन; प्राकृतिक चयन के प्रकार।
  • जीन प्रवाह एवं आनुवंशिक बहाव; हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत।
  • अनुकूली विकिरण; मानव विकास।

इकाई 8 : जीवविज्ञान एवं मानव कल्याण (Biology and Human Welfare)

  • स्वास्थ्य एवं रोग; रोगजनक।
  • मानव रोग उत्पन्न करने वाले परजीवी—मलेरिया, फाइलेरिया, एस्कारियासिस, टाइफाइड, निमोनिया, सामान्य जुकाम, अमीबायसिस, दाद (रिंगवर्म), डेंगू, चिकनगुनिया।
  • प्रतिरक्षा विज्ञान की मूल अवधारणाएँ—टीके।
  • कैंसर, HIV एवं AIDS; किशोरावस्था, नशीली दवाओं एवं अल्कोहल का दुरुपयोग; तंबाकू सेवन।

मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव:

  • घरेलू खाद्य प्रसंस्करण, औद्योगिक उत्पादन, सीवेज उपचार, ऊर्जा उत्पादन में भूमिका।
  • जैव-नियंत्रण एजेंट एवं जैव उर्वरक के रूप में उपयोग।

इकाई 9 : जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके अनुप्रयोग(Biotechnology and Its Applications)

जैव प्रौद्योगिकी के सिद्धांत एवं प्रक्रियाएँ:

  • आनुवंशिक अभियांत्रिकी (रिकॉम्बिनेंट DNA प्रौद्योगिकी)।

स्वास्थ्य एवं कृषि में अनुप्रयोग:

  • मानव इंसुलिन एवं टीका उत्पादन; जीन थेरेपी।
  • आनुवंशिक रूप से परिवर्तित जीव—Bt फसलें; ट्रांसजेनिक जन्तु।
  • जैव-सुरक्षा मुद्दे—जैव चोरी (बायोपाइरेसी) एवं पेटेंट।

इकाई 10 : पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण(Ecology and Environment)

जीव एवं पर्यावरण:

  • जनसंख्या अंतःक्रियाएँ—सहजीविता, प्रतिस्पर्धा, परभक्षण, परजीविता।
  • जनसंख्या के गुण—वृद्धि, जन्म दर, मृत्यु दर, आयु संरचना।

पारिस्थितिकी तंत्र:

  • संरचना एवं घटक; उत्पादकता एवं अपघटन; ऊर्जा प्रवाह।
  • संख्या, जैवभार एवं ऊर्जा के पिरामिड।

जैव विविधता एवं संरक्षण:

  • जैव विविधता की अवधारणा एवं पैटर्न; महत्व एवं ह्रास।
  • संरक्षण; हॉटस्पॉट, संकटग्रस्त जीव, विलुप्ति, रेड डेटा बुक।
  • बायोस्फीयर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य; पवित्र उपवन (Sacred Groves)।

📘 अध्यायवार कक्षा 12 जीवविज्ञान नोट्स (CBSE बोर्ड) देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

अध्याय संख्याअध्याय का नाममुख्य विषयवस्तु
1जंतुओं में प्रजनन (Removed)अलैंगिक प्रजनन, लैंगिक प्रजनन, वनस्पति प्रजनन, जीवों में प्रजनन प्रकार
2पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजननपुष्प की संरचना, परागण, भ्रूण गठन, बीज और फल का निर्माण
3मानव प्रजनननरमादा प्रजनन तंत्र, मासिक धर्म चक्र, गर्भावस्था, प्रसव
4प्रजनन स्वास्थ्यपरिवार नियोजन, गर्भ निरोधक उपाय, यौन संचारित रोग (STD)
5वंशागति एवं विविधता के सिद्धांतमेंडल के नियम, वंश वृक्ष, गुणसूत्रीय सिद्धांत
6आणविक आधार पर वंशागतिDNA, RNA, ट्रांसक्रिप्शन, ट्रांसलेशन, जीन अभिव्यक्ति
7विकास की प्रक्रियाजैव विकास के साक्ष्य, हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत, प्राकृतिक चयन
8मानव स्वास्थ्य एवं रोगप्रतिरक्षा प्रणाली, रोग प्रकार, टीकाकरण, एलर्जी, एड्स, कैंसर
9जैव प्रौद्योगिकी: सिद्धांत एवं प्रक्रियाएँrDNA तकनीक, क्लोनिंग वेक्टर, PCR, जीन लाइब्रेरी
10जैव प्रौद्योगिकी और उसके अनुप्रयोगGM फसलें, जैव-औषधियाँ, जीन थैरेपी, नैतिक चिंताएँ
11जीव और पर्यावरणपारिस्थितिक तंत्र, जीवों के अनुकूलन, जनसंख्या वृद्धि
12पारिस्थितिक तंत्रउत्पादकता, खाद्य श्रृंखला, ऊर्जा प्रवाह, अपघटक प्रणाली
13जैव विविधता एवं संरक्षणजैव विविधता के स्तर, संकटग्रस्त प्रजातियाँ, वन्यजीव संरक्षण उपाय
14पर्यावरणीय मुद्दे (Removed)प्रदूषण, अपशिष्ट प्रबंधन, ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन परत

NCERT कक्षा 12 जीवविज्ञान से अध्याय हटाए गए अध्याय

निम्नलिखित अध्यायों को NCERT कक्षा 12 जीवविज्ञान की पाठ्यपुस्तक से हटा दिया गया है।

  1. Reproduction in Organismsजंतुओं में प्रजनन
  2. Strategies for Enhancement in Food Productionखाद्य उत्पादन में वृद्धि की रणनीतियाँ
  3. Environmental Issuesपर्यावरणीय समस्याएँ

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