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परिचय
विद्युत (बिजली) ऊर्जा का एक रूप है जिसका उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में करते हैं। इस अध्याय में विद्युत धारा, इसके प्रभाव और विभिन्न उपकरणों में इसके उपयोग के बारे में अध्ययन किया गया है।
विद्युत धारा (Electric Current)
- परिभाषा: किसी चालक (कंडक्टर) के माध्यम से विद्युत आवेश (इलेक्ट्रॉनों) का प्रवाह विद्युत धारा कहलाता है।
- विद्युत परिपथ (Electric Circuit): एक बंद पथ जिससे होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती है, उसे विद्युत परिपथ कहते हैं।
- विद्युत परिपथ के मुख्य घटक:
- कोशिका/बैटरी: विद्युत धारा को प्रवाहित करने के लिए ऊर्जा प्रदान करती है।
- तार: विद्युत को प्रवाहित करता है।
- स्विच: विद्युत धारा के प्रवाह को नियंत्रित करता है।
- बल्ब/उपकरण: विद्युत ऊर्जा का उपयोग करता है।
विद्युत घटकों के प्रतीक (Symbols of Electrical Components)
विद्युत परिपथ को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न प्रतीकों का उपयोग किया जाता है। कुछ सामान्य प्रतीक निम्नलिखित हैं:
| घटक | प्रतीक | ||||
|---|---|---|---|---|---|
| सेल (Cell) | ( – | + ) | |||
| बैटरी (Battery) | ( – | + – | + ) | ||
| स्विच (खुला) | ( —o o— ) | ||||
| स्विच (बंद) | ( —o—o— ) | ||||
| बल्ब | ( ⭕ ) | ||||
| प्रतिरोधक (Resistor) | ( ⏦ ) |

विद्युत धारा के प्रभाव (Effects of Electric Current)
विद्युत धारा के प्रवाह से विभिन्न प्रभाव उत्पन्न होते हैं:
विद्युत धारा का तापीय प्रभाव (Heating Effect of Electric Current)
- जब विद्युत धारा किसी चालक से प्रवाहित होती है, तो वह ऊष्मा उत्पन्न करती है।
- यह प्रभाव इलेक्ट्रिक आयरन, हीटर, टोस्टर, गीजर और बल्ब में उपयोग किया जाता है।
- कारण: जब इलेक्ट्रॉन किसी चालक से गुजरते हैं, तो वे उसमें मौजूद परमाणुओं से टकराते हैं, जिससे ऊष्मा उत्पन्न होती है।
- उपयोग:
- विद्युत फ्यूज़: अत्यधिक धारा प्रवाहित होने से उपकरणों की सुरक्षा करता है।
- बल्ब: बल्ब के अंदर का फिलामेंट गरम होकर चमकने लगता है।

विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect of Electric Current)
- जब विद्युत धारा किसी तार में प्रवाहित होती है, तो उसके चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
- इस प्रभाव की खोज हंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड ने की थी।
- उपयोग:
- विद्युतचुंबक (Electromagnet): जब किसी लोहे के टुकड़े के चारों ओर तार लपेटकर उसमें विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो वह एक अस्थायी चुंबक बन जाता है।
- विद्युत घंटी (Electric Bell): ध्वनि उत्पन्न करने के लिए विद्युतचुंबक का उपयोग किया जाता है।
- विद्युत मोटर (Electric Motor): विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करता है।

विद्युतचुंबक और इसके उपयोग (Electromagnet and Its Uses)
- परिभाषा: जब विद्युत धारा किसी तार कुंडली (coil) में प्रवाहित होती है और उसके चारों ओर एक लोहे का टुकड़ा रखा जाता है, तो वह एक शक्तिशाली अस्थायी चुंबक बन जाता है। इसे विद्युतचुंबक कहते हैं।
- उपयोग:
- लोहे के भारी भार उठाने के लिए कबाड़खानों में।
- विद्युत घंटी और मोटरों में।
- अस्पतालों में MRI मशीन में।

विद्युत घंटी का कार्य सिद्धांत (Electric Bell – Working Principle)
विद्युत घंटी का कार्य विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर आधारित होता है। इसके मुख्य भाग हैं:
- विद्युतचुंबक: लोहे के टुकड़े के चारों ओर तार लपेटा जाता है।
- हथौड़ा और घंटी (Gong): ध्वनि उत्पन्न करता है।
- संपर्क बिंदु और स्प्रिंग: परिपथ को बार-बार चालू और बंद करने में सहायता करता है।
कार्य प्रणाली:
- जब स्विच चालू किया जाता है, तो विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है, जिससे विद्युतचुंबक में चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
- यह चुंबकीय क्षेत्र लोहे की पट्टी को आकर्षित करता है और हथौड़ा घंटी से टकराता है।
- इससे ध्वनि उत्पन्न होती है।
- जैसे ही हथौड़ा घंटी से टकराता है, परिपथ टूट जाता है और विद्युत धारा बंद हो जाती है।
- यह प्रक्रिया तेजी से दोहराई जाती है, जिससे घंटी लगातार बजती रहती है।
विद्युत सुरक्षा सावधानियाँ (Precautions While Using Electricity)
- गीले हाथों से विद्युत उपकरण न छुएँ।
- एक ही सॉकेट में बहुत अधिक उपकरण न लगाएँ।
- शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले तारों का उपयोग करें।
- उपयोग न होने पर विद्युत उपकरणों को बंद कर दें।
सारांश (Summary)
- विद्युत धारा एक बंद परिपथ में प्रवाहित होती है।
- इसका तापीय और चुंबकीय प्रभाव होता है।
- तापीय प्रभाव का उपयोग टोस्टर, हीटर और फ्यूज़ में किया जाता है।
- चुंबकीय प्रभाव का उपयोग विद्युतचुंबकों, विद्युत घंटियों और मोटरों में किया जाता है।
- विद्युत घंटी विद्युतचुंबक के सिद्धांत पर कार्य करती है।
Class 7 विज्ञान : विद्युत धारा और इसके प्रभाव : फ्री क्विज प्रैक्टिस
चालक में इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण विद्युत धारा उत्पन्न होती है।
स्विच परिपथ को पूरा या अपूर्ण बनाकर विद्युत धारा के प्रवाह को नियंत्रित करता है।
बैटरी परिपथ में विद्युत ऊर्जा प्रदान करती है जिससे धारा प्रवाहित होती है।
तांबा और एल्युमिनियम जैसे पदार्थ अच्छे चालक होते हैं।
प्लास्टिक विद्युत धारा को प्रवाहित नहीं होने देता, इसलिए यह कुचालक है।
बल्ब के फिलामेंट से धारा गुजरने पर वह गर्म होकर चमकने लगता है।
धारा तभी प्रवाहित होती है जब परिपथ पूरा और बंद होता है।
फिलामेंट में धारा प्रवाहित होने पर वह गर्म होकर प्रकाश देता है।
तांबा विद्युत का अच्छा चालक है, इसलिए इसका उपयोग तार बनाने में किया जाता है।
स्विच खुला होने पर परिपथ अधूरा हो जाता है और धारा प्रवाहित नहीं होती।
